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Rajasthan: कन्हैयालाल हत्याकांड की जांच को लेकर गहलोत ने BJP को घेरा, बोले- दोषियों को अब तक सजा नहींं मिली

Wed, 04 Jun 2025 06:19 PM IST
सौरभ भट्ट न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Ashok Gehlot: राजस्थान में पिछली गहलोत सरकार के कार्यकाल में उदयपुर में हुए कन्हैया लाल हत्याकांड की धीमी जांच को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी पर हमला बोला है। गहलोत ने कहा कि बीजेपी ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया लेकिन दोषियों को आज तक सजा नहीं मिली।
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पूर्व सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल के नृशंस हत्याकांड की जांच को लेकर राजस्थान में एक बार फिर से सियासत गरमाने लगी है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर भाजपा ने जमकर राजनीति की एवं राजस्थान के चुनाव का मुख्य मुद्दा इसे बना दिया। 
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घटना की रात को ही ये केस NIA ने ले लिया। भाजपा की केन्द्र सरकार के अधीन आने वाली एजेंसी NIA के पास ये केस है परन्तु तीन साल केस चलने के बाद भी आजतक इस स्पष्ट प्रकृति के मामले में दोषियों को सजा नहीं हो सकी है। गहलोत ने कहा कि कन्हैयालाल के परिजनों ने बताया है कि इस केस को फास्ट ट्रैक नहीं चलाया जा रहा है। यह केस NIA कोर्ट जयपुर में विचाराधीन है।

‘केस में 6 महीने से सुनवाई नहीं’
गहलोत ने कहा- NIA कोर्ट का एडिशनल चार्ज CBI कोर्ट के न्यायाधीश के पास था जिनका तबादला हो गया है जिससे केस की सुनवाई नहीं हो पा रही। विगत छह महीने से केस में कोई तारीख नहीं पड़ी है। इससे पहले गवाहों के बयान ही चल रहे थे परन्तु तीन मुख्य गवाहों के बयान अभी तक दर्ज नहीं किए गए। इस केस में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से अभी तक दो की जमानत हो चुकी है। इस महीने कन्हैयालाल हत्याकांड को तीन वर्ष पूरे हो जाएंगे।
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बोले-हमारे समय पुलिस ने 4 घंटे में आरोपी पकड़े थे 
गहलोत बोले- राजस्थान पुलिस ने अपराधियों को मात्र 4 घंटे में गिरफ्तार कर लिया था। कन्हैलाल के परिजनों को 50 लाख रु मुआवजा एवं उनके दोनों पुत्रों को सरकारी नौकरी दी गई। परन्तु भाजपा ने जनता में अफवाह फैलाई कि केवल 5 लाख रु मुआवजा दिया और पांच लाख, पचास लाख की राजनीति की। यदि NIA ये केस नहीं लेती एवं राजस्थान पुलिस के पास ये केस रहता तो संभवतः हमारी सरकार के कार्यकाल में ही इनको सजा सुना दी जाती परन्तु लगता है भाजपा केवल इस केस पर राजनीति कर रही है। पीड़ितों को न्याय दिलाने का उनका इरादा नहीं लगता है।
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