राजस्थान में बहुचर्चित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसओजी, जयपुर ने प्रकरण संख्या 19/2022 में कार्रवाई करते हुए आरोपी गणपत लाल मालवाड़ा (31) को 21 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया है। आरोपी जालौर जिले के चितलवाना तहसील के मालवाड़ा गांव का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 नवम्बर 2020 को आयोजित सीएचओ भर्ती परीक्षा के दौरान एक संगठित गिरोह ने जयपुर के झोटवाड़ा स्थित जागृति विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के स्ट्रॉन्ग रूम से अप्रयुक्त प्रश्न पत्रों की सील तोड़कर पेपर लीक किया था। इस पेपर को परीक्षा से करीब दो घंटे पहले सॉल्वर टीम से हल करवाया गया और फिर गिरोह के हैंडलरों के माध्यम से अलग-अलग स्थानों पर जुटाए गए अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी गणपत लाल मालवाड़ा ने इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसने गिरोह के सदस्य भूपेन्द्र सारण को सहयोग करते हुए अभ्यर्थियों की व्यवस्था करवाई, जिन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया।
इस मामले में एसओजी पहले ही स्कूल संचालक धीरज शर्मा सहित मुकेश बाना, बलवीर सुण्डा, दिनेश विश्नोई, भूपेन्द्र सारण, अनिल उर्फ शेरसिंह मीणा, श्रवण कालीरावणा, अशोक नाथावत, अशोक यादव, दीपक विश्नोई और हर्षवर्धन मीणा समेत कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गणपत लाल मालवाड़ा अन्य भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में भी शामिल रहा है, जिनमें जेईएन भर्ती परीक्षा-2020 और प्रथम श्रेणी व्याख्याता भर्ती-2022 शामिल हैं।
फिलहाल एसओजी आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क, अन्य संलिप्त आरोपियों और पेपर लीक की कार्यप्रणाली का खुलासा किया जा सके। जांच एजेंसी इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना भी जता रही है।