बीजेपी प्रभारी अरुण सिंह और उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया
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सचिन पायलट ने वसुंधरा राजे शासन के समय के भ्रष्टाचार और घोटालों की जांच के बहाने प्रदेश की गहलोत सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पायलट और गहलोत के बीच कुर्सी की लड़ाई किसी से छिपी नहीं है। अब विधानसभा चुनाव से सात महीने पहले जब यह लड़ाई सड़क पर आ गई, तो बीजेपी ने भी कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और राजस्थान के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने ट्वीट कर कहा कि "राजस्थान कांग्रेस में घमासान सड़कों पर आ गया। गहलोत सरकार में महिलाओं पर अत्याचार, दलित शोषण, खान घोटालों और पेपरलीक घोटाले में कांग्रेस जन मौन क्यों हैं? पुजारी और संतों की मौत का जिम्मेदार कौन? तुष्टिकरण के मामलों से बहुसंख्यकों की विरोधी सरकार की दुर्गति निश्चित है।"
"क्या ये नाकारा, निकम्मा, कोरोना, गद्दार का Revenge part-2 है ?"
अरुण सिंह के ट्वीट पर आगे प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान बीजेपी मीडिया संपर्क प्रमुख आनंद शर्मा ने लिखा कि "क्या ये नकारा, निकम्मा, कोरोना, गद्दार का Revenge part-2 है ?"
है तो “क़िस्सा कुर्सी का” लेकिन जनता को क्या मिला?
राजस्थान विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर लिखा कि "है तो “क़िस्सा कुर्सी का” लेकिन जनता को क्या मिला? सिर्फ बदहाल कानून व्यवस्था, रोते किसान, हैरान जवान, त्रस्त अवाम, रोती अबला। जनता कांग्रेस को कभी माफ़ नहीं करेगी।"