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निकाय चुनाव में बगावत : बीजेपी ने 41 को पार्टी से निकाला, डिप्टी सीएम दीया कुमारी की विधानसभा में सबसे ज्यादा

Tue, 08 Sep 2026 07:53 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान निकाय चुनाव में बगावत पर भाजपा ने 41 नेताओं-कार्यकर्ताओं को निष्कासित किया है। जयपुर में सबसे ज्यादा 26 पर कार्रवाई हुई, जबकि भरतपुर में 7 और अजमेर में 6 शामिल हैं।
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बीजेपी मुख्यालय, जयपुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने और उनके विरोध में प्रचार करने वाले भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर अब संगठन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रदेश भाजपा की ओर से तैयार की गई सूची में कुल 41 पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा 26 नाम जयपुर के हैं। जयपुर में सबसे ज्यादा बागी डिप्टी सीएम दीया कुमारी के विधानसभा क्षेत्र विद्याधर नगर से हैं। जयपुर से कुल 26 बागियों को पार्टी से निष्कासित किया गया है इनमें से 13 बागी सिर्फ विद्याधरनगर से हैं। 

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जयपुर में 26 नेताओं पर कार्रवाई 

जयपुर में भाजपा ने बागियों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सूची में जयपुर नगर निगम से जुड़े 26 नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम हैं। इनमें कई पूर्व पार्षद, वार्ड अध्यक्ष, भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी के विभिन्न मोर्चों से जुड़े पदाधिकारी शामिल हैं।

सूची में शामिल नामों में मोहन लाल कुमावत (वार्ड अध्यक्ष, वार्ड 1), छीतर मल शर्मा (सीएम शर्मा), नेमी चंद सैन (मंडल उपाध्यक्ष, विद्याधर नगर), हरि शंकर बोहरा (पूर्व पार्षद), दिनेश कांवट (पूर्व पार्षद, वार्ड 26), चंदा कुमावत (महिला मोर्चा), कमलेश तिवारी, बनवारी सैनी, महर्षि शर्मा, पंकज गोयल, राजेश सालोदिया (वार्ड अध्यक्ष, वार्ड 17), नारायण सोनी, समा राठौड़, राजू अग्रवाल (पूर्व पार्षद), जय वशिष्ठ (पूर्व पदाधिकारी, किसान मोर्चा), शंकर शर्मा (पूर्व पार्षद), शंकर शर्मा (पूर्व पार्षद), रमेश चंद्र सैनी (पूर्व पार्षद) और स्वाति परनामी (पूर्व पार्षद) के नाम शामिल हैं। इनके अलावा मुकेश किराड़ (प्रदेश उपाध्यक्ष एससी मोर्चा), बीना मेठी (पूर्व पार्षद प्रत्याशी), नरेश शर्मा (मंडल महामंत्री), विक्रम सिंह तंवर (पूर्व पार्षद), शिव सोनी (पूर्व पार्षद), बरखा सैनी (पूर्व पार्षद) व अविनाश सोनी (पूर्व अध्यक्ष किसान मोर्चा) के नाम शामिल हैं।

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पत्नी के लिए प्रचार करने का भी आरोप
जयपुर के वार्ड 8 से जुड़े दिनेश कांवट पर आरोप है कि वे अपनी पत्नी मंजू शर्मा को निर्दलीय चुनाव लड़वा रहे हैं। वहीं वार्ड 20 के नारायण सोनी पर अपनी धर्मपत्नी के निर्दलीय चुनाव लड़ने के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाया गया है। कुछ नेताओं पर सीधे निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप है, जबकि कुछ पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में काम करने का आरोप दर्ज है।

भरतपुर में भी बगावत पर कार्रवाई
हालांकि इस सूची में भरतपुर नगर निगम के नाम शामिल नहीं हैं लेकिन सूत्रों के अनुसार भरतपुर नगर निगम में भी पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की सूची तैयार की गई है। इनमें रेखा, सुनीता, मुकेश कुमार शर्मा, मनोज कुमार, जितेंद्र सैनी, ममता सेन और साक्षी शर्मा/नितिन शर्मा के नाम दर्ज हैं। इनमें कई पूर्व पार्षद और संगठन से जुड़े पदाधिकारी बताए गए हैं। पार्टी के दस्तावेज में इनके खिलाफ भी निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव लड़ने या पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ गतिविधियां करने का आरोप दर्ज है।

अजमेर में 6 नाम, सोशल मीडिया पर भी नजर
अजमेर में भाजपा की सूची में 6 नाम हैं। इनमें हेमलता माहेश्वरी/अजय गुप्ता, भानु प्रकाश, शंकर सिंह रावत, हेमलता खरासल, महेश रावत और रेनू यादव के नाम शामिल हैं। इनमें से कुछ पर निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने का आरोप है। एक मामले में निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने के साथ सोशल मीडिया पर पार्टी अनुशासन के खिलाफ गतिविधियां करने का आरोप भी दर्ज है।

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प्रदेश भाजपा ने सभी जिलों से मांगी रिपोर्ट

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निकाय चुनाव में बगावत को लेकर प्रदेश भाजपा ने सभी जिलों के संगठन से रिपोर्ट मांगी है। जिलाध्यक्षों को ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्होंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ा है या उनके विरोध में प्रचार किया है। इसका मतलब साफ है कि चुनाव के दौरान पार्टी अब सिर्फ टिकट वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बागियों और उनके समर्थकों पर भी संगठनात्मक कार्रवाई का संदेश दे रही है।

 

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