राजस्थान हाईकोर्ट ने REET-2021 के आधार पर हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक (ग्रेड-III लेवल-1) भर्ती से जुड़े आरक्षण विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि मोस्ट बैकवर्ड क्लास (MBC) के अभ्यर्थी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते। अदालत ने राज्य सरकार की संशोधित चयन सूची को वैध ठहराते हुए इस संबंध में दायर सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
जस्टिस अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने कहा कि राजस्थान पिछड़ा वर्ग (आरक्षण) अधिनियम, 2017 तथा वर्ष 2019 के संशोधन के तहत MBC के लिए अलग से 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। ऐसे में MBC और OBC दो अलग-अलग आरक्षित श्रेणियां हैं और MBC अभ्यर्थी OBC कोटे में नियुक्ति का दावा नहीं कर सकते।
संशोधित चयन सूची को दी गई थी चुनौती
REET-2021 के आधार पर 17 और 27 अप्रैल 2022 को जारी प्रारंभिक चयन सूची में कई अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें जिला आवंटित कर दिया गया था। हालांकि, 2 मई 2022 को जारी संशोधित चयन सूची में कुछ अभ्यर्थियों के नाम हटा दिए गए।
इसके बाद प्रभावित अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि MBC, OBC का उपवर्ग है, इसलिए उन्हें OBC श्रेणी में भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने संशोधित सूची निरस्त कर पूर्व चयन सूची के आधार पर नियुक्ति देने की मांग की थी।
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सरकार ने बताया- प्रारंभिक सूची में हुई थी गलती
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त अधिवक्ता चिन्मय सक्सेना ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि प्रारंभिक चयन सूची तैयार करते समय आरक्षण नीति लागू करने में त्रुटि रह गई थी। इसी गलती को सुधारने के लिए 2 मई 2022 को संशोधित चयन सूची जारी की गई।
सरकार ने कहा कि MBC एक पृथक आरक्षित वर्ग है। इसलिए उसके अभ्यर्थियों को OBC आरक्षित सीटों पर समायोजित नहीं किया जा सकता। संशोधित सूची में अभ्यर्थियों को उनकी वास्तविक श्रेणी के अनुसार समायोजित किया गया, जिससे कटऑफ में बदलाव हुआ और कुछ उम्मीदवार चयन से बाहर हो गए।
गलती सुधारने का अधिकार सरकार को
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यदि प्रारंभिक चयन सूची कानून के विपरीत तैयार हुई थी तो सरकार उसे संशोधित करने के लिए पूर्ण रूप से अधिकृत थी। अदालत ने माना कि संशोधित चयन सूची कानूनी प्रावधानों के अनुरूप जारी की गई है।
भारत कुमार चौधरी केस लागू नहीं
याचिकाकर्ताओं ने अपने पक्ष में भारत कुमार चौधरी बनाम भारत संघ मामले का हवाला दिया था। लेकिन अदालत ने कहा कि वह फैसला NEET प्रवेश प्रक्रिया में दिव्यांग (PwD) श्रेणी से जुड़ा था और वर्तमान शिक्षक भर्ती विवाद पर लागू नहीं होता।
सभी याचिकाएं खारिज
अदालत ने अंततः सभी रिट याचिकाएं खारिज करते हुए 2 मई 2022 की संशोधित चयन सूची को वैध माना। इस फैसले के साथ REET-2021 शिक्षक भर्ती में MBC और OBC आरक्षण को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया।