भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने हलैना में तैनात नर्सिंग अफसर मुरारीलाल मीणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी स्वास्थ्य कर्मचारी को परिवादी से राजकीय कार्य के बदले रिश्वत की मांग करने के आरोप में पकड़ा गया है।
ऑनलाइन हाजिरी की मंजूरी के लिए मांग रहा था रिश्वत
पीड़ित ने एसीबी को दी लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि हलैना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित नर्सिंग अफसर उसकी उपस्थिति ऑनलाइन करने की प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने के नाम पर लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी आरोपी बिना घूस लिए काम करने को तैयार नहीं था।
शिकायत मिली तो एसीबी ने शुरू किया सत्यापन
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। टीम ने गोपनीय रूप से शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी नर्सिंग अफसर के रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई।
पैसे लेकर पहुंचा परिवादी, तभी दबोचा
सत्यापन रिपोर्ट सकारात्मक मिलने पर एसीबी की टीम ने परिवादी को केमिकल लगे नोट देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही नर्सिंग अफसर ने रिश्वत की राशि अपने हाथ में ली, वैसे ही एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
हाथ धुलाए तो गुलाबी हुआ पानी, रिश्वत की पुष्टि
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के हाथ धुलाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली। मौके पर मौजूद गवाहों के सामने जब्ती की सूची तैयार की गई। टीम आरोपी नर्सिंग अफसर को भरतपुर कार्यालय ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
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सीबी की एक अन्य टीम आरोपी के आवासीय और अन्य ठिकानों की तलाशी लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उसकी संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा सके। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।