फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'लाठियों से सच को दबाया नहीं जा सकता': जंतर-मंतर में लाठीचार्ज पर भड़के अशोक गहलोत, बोले- कुचली जा रही आवाज

Tue, 21 Jul 2026 11:31 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ को बलपूर्वक दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। गहलोत ने सरकार से संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।

विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : Facebook
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
विज्ञापन


लाठीचार्ज किया जाना हद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय
अशोक गहलोत ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार तानाशाही की राह पर चल रही है और उसे यह समझ लेना चाहिए कि लाठियों के बल पर न तो सच को दबाया जा सकता है और न ही न्याय की मांग करने वाली आवाज़ों को हमेशा के लिए शांत किया जा सकता है।

देश का युवा खुद ठगा महसूस कर रहा
गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में युवाओं की नाराजगी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उनके अनुसार, एक समय बड़ी संख्या में युवाओं ने भारतीय जनता पार्टी के प्रचार और वादों पर भरोसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन अब वही युवा अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  जयपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, दुष्कर्म आरोपी समेत नौ गिरफ्तार; जुआ और अवैध गैस रिफिलिंग पर भी कार्रवाई
विज्ञापन


संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाले
पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं की आवाज़ को बलपूर्वक कुचलना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और सरकार का दायित्व है कि वह संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाले, न कि बल प्रयोग का सहारा ले। गहलोत ने अपने संदेश में संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान और पंडित जवाहरलाल नेहरू के लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर चलता है। उन्होंने कहा कि देश को लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप ही संचालित किया जाना चाहिए, न कि तानाशाही तरीके से।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें