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Jaipur: सीएम गहलोत कोरोना मुक्त, प्रदेश में 165 नए संक्रमित मिले, दौसा में एक मौत, अब तक 651 एक्टिव केस

Mon, 10 Apr 2023 09:44 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

कोरोना संक्रमित चल रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की RT-PCR जांच रिपोर्ट अब निगेटिव आ गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गए हैं, लेकिन प्रदेश में 165 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, दौसा में एक संक्रमित ने दम तोड़ दिया है।
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कोरोना जांच के सैंपल लेते डॉक्टर - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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सीएम अशोक गहलोत एक बार फिर से कोरोना निगेटिव हो गए हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा अब टल गया है। कोविड महामारी आने के बाद से गहलोत अब तक चार बार कोरोना संक्रमित होकर रिकवर हो चुके हैं। रविवार को कोविड की RT-PCR जांच करवाने के बाद सीएम गहलोत की रिपोर्ट निगेटिव आई है, यानी वह संक्रमण से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा कोविड पॉज़िटिव आए थे। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे और गोविंद सिंह डोटासरा भी अपनी जांच करवाकर हेल्थ अपडेट ही सार्वजनिक करेंगे।

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दौसा में एक संक्रमित की मौत, प्रदेश में 165 नए पॉज़िटिव केस
कोरोना फिर से जानलेवा साबित होने लगा है। यह सबसे बड़ी चिंता की बात है। कोरोना संक्रमण से दौसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि प्रदेश में 165 नए कोरोना संक्रमित एक ही दिन में रविवार को मिले हैं, जो चिंताजनक है। इनमें अजमेर में 5, अलवर में 2, बारां में 1, भीलवाड़ा में 5, बीकानेर में 21, चित्तौड़गढ़ में 7, दौसा में 1, जयपुर में 54 , जैसलमेर में 2 जोधपुर में 13, कोटा में 3, नागौर में 14, राजसमंद में 15, सीकर में 2, सिरोही में 2 और उदयपुर में 9 संक्रमित मरीज शामिल हैं।

राजस्थान में कोविड एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 651 हुई
प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 651 हो गई है। यह वह केस हैं जो सरकारी रिपोर्ट में हैं और जिनकी RT-PCR जांच हुई है। इसके अलावा माना जा रहा है बहुत से सर्दी, जुकाम, गले में खराश, बुखार, इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस वाले मरीज घर में खुद ही इलाज ले रहे हैं और अस्पताल जाने या RT-PCR जांच कराने से कन्नी काट रहे हैं। ऐसे में वास्तविक संक्रमितों का आंकड़ा कई गुना ज़्यादा हो सकता है। ऐसे छिपे हुए मरीज सुपर स्प्रेडर भी साबित हो सकते हैं। हर दिन बढ़ते कोविड मरीज चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर फिर से मास्क अनिवार्य कर दिया जाए तो काफी हद तक को कोविड से बचा जा सकता है।

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