जयपुर पुलिस आयुक्तालय की साइबर स्पेशल टास्क टीम ने शहर में संचालित फर्जी वीजा कॉल सेंटर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में 20 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, 11 रजिस्टर, तीन डायरी, एक सीपीयू, एक मॉनिटर सहित कई दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के मार्गदर्शन तथा विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशंस) ओम प्रकाश के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त (अपराध) संजीव नैन के नेतृत्व में सीएसटी टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्रों में फर्जी कॉल सेंटर और वीजा आवेदन केंद्र संचालित कर लोगों को विदेश भेजने और वीजा दिलाने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी की जा रही है।
पहली कार्रवाई जालूपुरा थाना क्षेत्र स्थित एमआई रोड के गणपति प्लाजा में संचालित कार्यालय में की गई। यहां से पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से लोगों से संपर्क कर फर्जी वीजा आवेदन भरवाते थे और प्रोसेसिंग फीस सहित विभिन्न शुल्कों के नाम पर पैसे वसूलते थे। पुलिस ने मौके से पांच मोबाइल फोन, तीन रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका, एक कॉपी, सीपीयू और मॉनिटर बरामद किए।
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दूसरी कार्रवाई महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित न्यू सांगानेर रोड की नवजीत बिल्डिंग पर की गई। यहां संचालित फर्जी कॉल सेंटर से पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, छह रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका और एक डायरी बरामद की है। इस मामले में भी संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
तीसरी कार्रवाई महेश नगर थाना क्षेत्र के स्वेज फार्म स्थित ट्रिनिटी मॉल में संचालित कार्यालय में की गई। यहां से 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 10 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह भी विदेश भेजने और वीजा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवा रहा था। कार्यालय से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, दो रजिस्टर, उपस्थिति पंजिका और एक डायरी बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था, अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस अन्य सहयोगियों की तलाश भी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।