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जयपुर मेयर चुनाव: कांग्रेस ने सुनीता महावर को उतारा, 78 के मुकाबले 57 का नंबर गेम

Sat, 19 Sep 2026 03:51 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

कांग्रेस ने जयपुर मेयर चुनाव में सुनीता महावर को प्रत्याशी बनाया है। उनका मुकाबला भाजपा के सुनील कोठारी से होगा। बहुमत भाजपा के पास है, फिर कांग्रेस ने क्यों दांव खेला?

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मेयर प्रत्याशी सुनीता महावर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जयपुर नगर निगम के मेयर चुनाव में कांग्रेस ने आखिरकार अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 118 से पार्षद सुनीता महावर को मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है। सुनीता महावर ने शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। इससे पिछले दो दिनों से कांग्रेस के प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

कांग्रेस ने पहले दो नामों,  सुनीता महावर और मालवीय नगर के वार्ड 84 से पार्षद भरत मेघवाल को नामांकन के लिए तैयार रहने को कहा था। पार्टी की रणनीति के तहत दोनों नामांकन कराने और बाद में एक नाम वापस लेने की चर्चा थी। अब सुनीता महावर के नामांकन के साथ पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। हालांकि नामांकन से पहले पार्टी के दो विधायकों में इस बात को लेकर मतभेद भी सामने आए थे। एक धड़ा गोविंद मेघवाल को मेयर प्रत्याशी बनाना चाहता था क्योंकि जयपुर शहर में एससी की आबारी 9 लाख के आस पास है जो कांग्रेस का बड़ा वोट बैंक भी है। वहीं दूसरा धड़ा सुनिता महावर को प्रत्याशी बनाने पर अड़ा था। सुनिता महावर ओबीसी वर्ग से आती हैं। सुनीता महावर आदर्श नगर विधानसभा के 118 वार्ड से पार्षद का चुनाव जीती हैं। उन्होंने बीजेपी के  विकास कोठारी को 676 चुनाव हराया था। 

20 साल से ज्यादा का निगम अनुभव

सुनीता महावर जयपुर नगर निगम की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह 20 साल से ज्यादा समय से निगम की राजनीति से जुड़ी हैं और निगम की कई समितियों की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। पिछली बार भी उनका नाम मेयर पद के संभावित दावेदारों में शामिल था।

कांग्रेस ने उन्हें मैदान में उतारकर महिला और ओबीसी प्रतिनिधित्व के समीकरण को भी साधने की कोशिश की है। अब उनका सीधा मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी सुनील कोठारी से होगा।

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भाजपा के पास 78, कांग्रेस के 57 पार्षद

मेयर चुनाव का सबसे अहम पहलू नंबर गेम है। 150 सदस्यीय जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 57 पार्षद हैं। भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ चुनाव को राजनीतिक मुकाबले में बदलने की चुनौती है। भाजपा की ओर से सुनील कोठारी के नाम पर सहमति बन चुकी है। वह शनिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने पहुंचे।

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कांग्रेस ने नामांकन के अंतिम दिन तक प्रत्याशी के नाम की सार्वजनिक घोषणा नहीं की। पार्टी की ओर से पहले से ही संकेत थे कि वह मेयर चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारेगी, लेकिन नाम को लेकर सस्पेंस बनाए रखा गया।

अब सुनीता महावर के नामांकन के बाद मुकाबला भाजपा बनाम कांग्रेस हो गया है। हालांकि आंकड़े भाजपा के पक्ष में हैं, लेकिन कांग्रेस की रणनीति केवल चुनाव लड़ने तक सीमित है या इसके पीछे कोई व्यापक राजनीतिक गणित है, यह मतदान के दिन साफ होगा।

25 सितंबर को मतदान

जयपुर मेयर चुनाव के लिए 19 सितंबर नामांकन की अंतिम तारीख है। 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 22 सितंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 25 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और इसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।

अब जयपुर की मेयर की कुर्सी के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता महावर आमने-सामने हैं। एक तरफ भाजपा का स्पष्ट बहुमत है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने 57 पार्षदों के साथ मुकाबले में उतरने का फैसला किया है।

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