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अनुपम खेर और आप नेता ने मंच से दी गाली

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जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन का अंतिम सत्र राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया। फ्रीडम ऑफ स्पीच पर बहस के दौरान मंच से एक्टर अनुपम खेर और आम आदमी पार्टी नेता कपिल मिश्रा ने अपने उदाहरणों में गाली का इस्तेमाल किया।
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वहीं पत्रकार मधु त्रेहान ने प्रतिबंधित जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया। प्रतिक्रिया के तहत जेडीयू नेता पवन वर्मा ने दोनों पर मामले दर्ज करने की बात कही।

जेएलएफ में वाद-विवाद के तौर पर रखा गया सेशन इज फ्रीडम ऑफ स्पीच में वक्ताओं ने अपने शब्दों पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिन्हें ऐसे सार्वजनिक मंचों से नहीं बोला जा सकता।
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खचाखच भरे फ्रंट लॉन में जब कपिल मिश्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर छींटाकशी की तो लोगों ने हाथ उठाकर मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर दिया। इन्हें मंच से अनुपम खेर ने और उकसाया। हालांकि मधु त्रेहान ने इस पर आपत्ति जताई तो खेर ने कहा कि लोगों ने नारे लगाए थे, मैंने तो सिर्फ उन्हें सराहा।
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पिता को गाली नहीं दे सकते तो पीएम को क्यों: अनुपम

अनुपम खेर ने कहा- इतनी फ्रीडम वाला ऐसा कोई देश नहीं है, जैसा मेरा देश है। आप इस देश में रह रहे हैं तो जो नियम आप घर पर लागू करते हैं, वही देश के लिए भी करें। क्या आप अपने पिता को गाली या धमकी देते हैं, लेकिन आप प्रधानमंत्री को गाली दे देते हैं। आप घर वाले नियम ही देश पर भी लागू करें।

मधु त्रेहान ने बोलने की आजादी पर हो रहे प्रहार को बताने के लिए प्रतिबंधित शब्दों को बीप कर के बोला तो अनुपम खेर आए और उन्हीं शब्दों को खुल कर बोले। कहा, मधु आपको इन्हें बीप करने की जरूरत नहीं है। देश में बोलने की आजादी है और कोई आपको रोकने नहीं आ रहा है।

यूं चढ़ता गया राजनीतिक रंग

बाद में कपिल मिश्रा आए तो उन्होंने भी गाली का उल्लेख करते हुए कहा कि भले ही हम यह हर किसी को नहीं बोल सकते, लेकिन पिताजी को मैंने प्रधानमंत्री की तरह वोट दे कर थोडे़ ही चुना है।

यदि वे थप्पड मारने वाले पडोसी के घर चाय पीकर आएंगे तो पिता की भी आलोचना करूंगा। सरकार कौन होती हैं, हमें यह बताने वाली मैं ट्विटर या फेसबुक पर क्या लिखूं। उन्होंने सुहेलसेठ पर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की और बहस को राजनीतिक स्तर पर ले गए।
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