राजस्थान की राजधानी जयपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश महेन्द्र सिंह चौधरी ने वकील पर धमकाने और न्यायिक कार्य में बाधा का आरोप लगाया और अवमानना की श्रेणी में मानते हुए पूरी घटना को रिकॉर्ड पर ले लिया। उधर, वकीलों ने इसके विरोध में चौधरी के तबादले की मांग उठाते हुए न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी, नारेबाजी कर हंगामा किया।
जज ने रिकॉर्ड पर लिया कि एसोसिएशन अध्यक्ष गोपेश कुम्भज सहित चार-पांच वकील भारत भूषण पारीक के साथ आए और पारीक के मामले में कब्जा वारंट जारी नहीं करने को कहा। पारीक ने डराया-धमकाया और अन्य वकीलों ने भी न्यायिक कार्य में बाधा पहुंचाई। इस घटना को एडीजे चौधरी ने अवमानना की श्रेणी में मानते हुए पत्रावली पेश करने को कहा।
स्टाफ को किया बाहर, कुंडी लगाई
वकीलों ने अधीनस्थ अदालत परिसर में पक्षकारों व स्टाफ को कोर्ट से बाहर कर कमरों को कुंदी लगा दी, लेकिन उसका ज्यादा देर तक असर नहीं रहा। वकीलों ने हाईकोर्ट आकर मुख्य न्यायाधीश अमिताभ रॉय से मुलाकात कर एडीजे के तबादले की मांग की।
वकीलों ने जिला न्यायाधीश दीपक माहेश्वरी से भी मुलाकात की। शाम को मुख्य न्यायाधीश से न्यायिक अधिकारियों ने भी मुलाकात की। बार एसोसिएशन जयपुर ने बैठक कर चौधरी की कार्यवाही पर विरोध दर्ज कराते हुए उनके तबादले की मांग को लेकर न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की, जिसके बाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी न्यायिक कार्य बहिष्कार का निर्णय किया।