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राजस्थान का सबसे हाईटैक अस्पताल: 24 मंजिला हॉस्पिटल में एयर एंबुलेंस के लिए होगा हेलीपैड, आज सीएम गहलोत रखेंगे नींव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 05 Apr 2022 11:40 AM IST

सार

मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और यूडीएच मंत्री शांति एसएमएस में आईपीडी टॉवर की आधारशिला रखेंगे। 116 मीटर ऊंचे इस आईपीडी टावर में टीचिंग रूम, 20 आईसीयू, 166 आईसीयू बेड, 1200 बेड, 20 ओपीडी, 4 कैथ लैब, 100 ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, दो हेलीपैड और एक मेडिकल शहीद स्मारक बनाया जाएगा।
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जानिए आईडीपी टावर में क्या क्या सुविधाएं मिलेंगीं। - फोटो : अमर उजाला

राजस्थान के जयुपर में देश का सबसे ऊंचा अस्पताल बनेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज मंगलवार को इसकी नींव रखेंगे। 116 मीटर ऊंचा आईपीडी टावर हेलीपैड की सुविधा वाला प्रदेश का पहला अस्पताल होगा। 24 मंजिला इमारत में मरीजों को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। हम यहां आपको देश के सबसे ऊंचे और राजस्थान के सबसे हाईटैक अस्पताल के खासियत के बारे में सिलसिलेवार तरीके से बताएंगे। आइए जानते हैं जयपुर में बनने वाले इस आईपीडी टावर के बारे में...
 

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जानिए आईडीपी टावर में क्या क्या सुविधाएं मिलेंगीं। - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के जयुपर में देश का सबसे ऊंचा अस्पताल बनेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज मंगलवार को इसकी नींव रखेंगे। 116 मीटर ऊंचा आईपीडी टावर हेलीपैड की सुविधा वाला प्रदेश का पहला अस्पताल होगा। 24 मंजिला इमारत में मरीजों को एक ही छत के नीचे विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। हम यहां आपको देश के सबसे ऊंचे और राजस्थान के सबसे हाईटैक अस्पताल के खासियत के बारे में सिलसिलेवार तरीके से बताएंगे। आइए जानते हैं जयपुर में बनने वाले इस आईपीडी टावर के बारे में...
 

सवाई मान सिंह अस्पताल में बनने वाले 24 मंजिला आईपीडी टॉवर में मरीजों को विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और यूडीएच मंत्री शांति एसएमएस में आईपीडी टॉवर की आधारशिला रखेंगे। 116 मीटर ऊंचे इस आईपीडी टावर में टीचिंग रूम, 20 आईसीयू, 166 आईसीयू बेड, 1200 बेड, 20 ओपीडी, 4 कैथ लैब, 100 ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर, दो हेलीपैड और एक मेडिकल शहीद स्मारक बनाया जाएगा। इसके साथ ही यहां दिल और गुर्दा सहित अन्य अंगों का प्रत्यारोपण भी किया जा सकेगा। 

दो चरणों में होगा काम 
आईपीडी टावर का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। इसके निर्माण की जिम्मेदारी रामा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दी गई है। टावर 25660 वर्ग मीटर और 8 लाख वर्ग फिट क्षेत्र में 456.80 करोड़ रुपये में बनाया जाएगा। पहले चरण में 12 मंजिलों का निर्माण किया जाएगा। यह काम 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बाकी का काम दूसरे चरण में होगा। इस परियोजना को पूरा होने में 32 महीने का यानी ढाई साल से ज्यादा का समय लगेगा। टावर में 16 लिफ्ट और एयर एंबुलेंस के लिए छत पर दो हेलीपैड बनाए जाएंगे। 

 

92 प्रीमियम और 150 कॉटेज वार्ड होंगे
टावर के सभी ब्लॉक एकीकृत भवन प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े हुए होंगे। यहां चिकित्सा विज्ञान संग्रहालय, कर्मचारियों के लिए स्काई लाउंज भी बनाया जाएगा। मरीजों के लिए जरूरत की दुकानें और मेस भी होगी। टावर में 92 प्रीमियम कमरे और 150 कॉटेज वार्ड भी बनाए जाएंगे। सेमिनार, व्याख्यान और शिक्षण कक्ष भी होंगे। सुरक्षा उपायों के साथ अल्ट्रा-आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सुरक्षा निगरानी और एक आधुनिक मुर्दाघर भी आईपीडी टावर में बनाया जाएगा। साथ ही एक पुलिस थाने का निर्माण भी किया जाएगा।

एसएमएस हॉस्पिटल एंड मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि आईपीडी टावर एक नई अवधारणा है। इसे राजस्थान और आसपास के राज्यों से आने वाले रोगियों की वृद्धि को समायोजित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। 

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