अशोक गहलोत और पूर्व पीएम राजीव गांधी।
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तीन बार बने प्रदेश अध्यक्ष
34 साल की उम्र में अशोक गहलोत को राजस्थान कांग्रेस की कमान मिली। वे तीन बार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहे। पहली बार सितंबर 1985 से जून 1989 तक वे इस पद पर रहे। एक दिसंबर 1994 से जून 1997 तक दूसरी और 1997 से 14 अप्रैल 1999 तक वे तीसरी बार इस पद पर रहे।
पांच बार सांसद चुने गए
1977 में अशोक गहलोत पहली बार चुनाव मैदान में उतरे। उन्होंने सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दो साल बाद 1779 में गहलोत जोधपुर सीट से चुनाव मैदान में दोबारा उतरे। इस दौरान सफलता उनके हाथ लगी। 1980-84 में वे पहली बार सांसद बने। इसके बाद 1984-1989, 1991-96, 1996-98 और 1998-1999 में जोधपुर से ही सांसद बने।
पांच बार विधायक भी चुने गए
1999 में जोधपुर की सरदारपुरा विधानसभा सीट चुनाव जीतकर गहलोत राजस्थान विधानसभा के सदस्य बने। इसके बाद वे 2003, 2008, 2013 और 2018 में इसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने।
तत्कालीन मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के समय अशोक गहलोत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष थे।
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केंद्र सरकार में मंत्री बने गहलोत
अशोक गहलोत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे। इंदिरा गांधी सरकार में अशोक गहलोत 2 सितंबर 1982 से 7 फरवरी 1984 तक पर्यटन और नागरिक उड्डयन उपमंत्री रहे। 7 फरवरी 1984 से 31 अक्टूबर 1984 और 12 नवंबर 1984 से 31 दिसंबर 1984 तब वे खेल उपमंत्री भी रहे। 31 दिसंबर 1984 से 26 सितंबर 1985 तक गहलोत ने केंद्रीय पर्यटन और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया। 21 जून 1991 से 18 जनवरी 1993 तक वे केंद्रीय कपड़ा राज्य मंत्री रहे। इससे पहले यह मंत्रालय इंदिरा गांधी के पास था।
तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने
गहलोत तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। सबसे पहले उन्होंने 1998 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 2003 तक मुख्यमंत्री रहे। दूसरी बार वे 2008 में मुख्यमंत्री बने और 2013 तक इस पद पर रहे। 2018 में एक बार फिर अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने। जिसका कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है। वे वर्तमान में प्रदेश के सीएम हैं। इसके आलावा जून 1989 से नवंबर 1989 की अल्प अवधि के बीच गहलोत राजस्थान सरकार में मंत्री भी रहे। उनके पास गृह और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग था।
1979 के लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी ने गहलोत के साथ चुनाव प्रचार किया था।
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कांग्रेस पार्टी में इन पद पर भी रहे
जनवरी 2004 से जुलाई 2004 तक गहलोत को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया। इस दौरान हिमाचल और छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी भी रहे। जुलाई 2004 में उन्हें कांग्रेस महासचिव बनाया गया। इस पद पर उन्होंने 18 फरवरी 2009 तक काम किया। इस बीच वे उत्तरप्रदेश, दिल्ली, कांग्रेस की इकाइयों और सेवादल के प्रभारी भी रहे। 30 मार्च 2018 को उन्हें एक बार फिर महासचिव बनाया गया था।
अशोक गहलोत, राहुल गांधी, सोनिया गांधी
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