फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Churu: तारानगर में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, घरों और दुकानों में घुसा पानी, वार्ड-1 में बाढ़ जैसे हालात

Thu, 31 Jul 2025 10:54 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,चूरू

सार

चूरू जिले के तारानगर में शनिवार सुबह से तेज बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में भारी जलभराव हो गया। बस स्टैंड और बाजार की सड़कों पर नहर जैसे हालात बन गए, जिससे दुकानों और घरों में पानी घुस गया
विज्ञापन
तारानगर में मूसलधार बारिश से जनजीवन बेहाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र में शनिवार सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे एक ओर जहां किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई, वहीं दूसरी ओर शहर और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। तारानगर शहर के बस स्टैंड से लेकर बाजार तक की सड़कों ने नहर का रूप ले लिया। निचले इलाकों में जलभराव के चलते आमजन को, खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के चलते कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

दुकानों में घुसा 10 फीट तक पानी, व्यापारियों को भारी नुकसान

बारिश इतनी तेज थी कि बस स्टैंड के आसपास की दुकानों में 10 से 12 फीट तक पानी भर गया। दुकानदार अपने सामान को बचाने में असमर्थ रहे और जैसे-तैसे दुकानों को बंद कर वहां से निकल भागे। कई दुकानों का सामान पानी में बह गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

ग्रामीण इलाकों में भी हाहाकार, कच्चे मकानों को खतरा

तारानगर के ग्रामीण इलाकों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। कई कच्चे मकानों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को घर गिरने का भय सताने लगा है। गरीब परिवारों के सामने रात गुजारने का संकट खड़ा हो गया है।

वार्ड-1 में 5 से 7 फीट तक पानी, दो साल से अधूरी ड्रेनेज योजना की पोल खुली

वार्ड नं. 1 में हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। कई घरों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है। लोगों को रात में रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो साल पहले भी तेज बारिश के चलते उनके मकान गिर गए थे और उन्हें रात के अंधेरे में घर छोड़ खेतों या अन्य स्थानों पर जाना पड़ा था।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: अलवर में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, अस्पताल और स्कूलों में मची अफरा-तफरी
विज्ञापन

उस वक्त प्रशासन ने वार्ड-1 में ड्रेनेज सिस्टम बनाने की घोषणा की थी और 50 लाख रुपये से अधिक का टेंडर भी पास हुआ था, लेकिन ठेकेदार ने केवल एक छोटा कमरा बनाकर इतिश्री कर ली। प्रशासन ने इसके बाद कभी पलटकर नहीं देखा। नतीजा ये है कि आज भी वे परिवार वही तकलीफ झेल रहे हैं।

थाने तक पहुंचा पानी, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल

तेज बारिश की पोल प्रशासन की लापरवाही ने खोल दी है। तारानगर थाना परिसर तक में पानी घुस गया, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन ने जलनिकासी की कोई मुकम्मल योजना नहीं बनाई। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर हर साल यही स्थिति क्यों दोहराई जाती है, और क्यों वर्षों से बसे गरीब परिवारों की सुध नहीं ली जाती?

प्रशासन की चुप्पी पर नाराज़गी

स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी उनके घरों में पानी भरा हुआ है, रात गुजारने की कोई व्यवस्था नहीं है और प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब राहत पहुंचाने और स्थायी समाधान की मांग की है।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें