चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र में शनिवार सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जिससे एक ओर जहां किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई, वहीं दूसरी ओर शहर और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। तारानगर शहर के बस स्टैंड से लेकर बाजार तक की सड़कों ने नहर का रूप ले लिया। निचले इलाकों में जलभराव के चलते आमजन को, खासतौर पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के चलते कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
दुकानों में घुसा 10 फीट तक पानी, व्यापारियों को भारी नुकसान
बारिश इतनी तेज थी कि बस स्टैंड के आसपास की दुकानों में 10 से 12 फीट तक पानी भर गया। दुकानदार अपने सामान को बचाने में असमर्थ रहे और जैसे-तैसे दुकानों को बंद कर वहां से निकल भागे। कई दुकानों का सामान पानी में बह गया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में भी हाहाकार, कच्चे मकानों को खतरा
तारानगर के ग्रामीण इलाकों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। कई कच्चे मकानों में पानी घुस गया है, जिससे लोगों को घर गिरने का भय सताने लगा है। गरीब परिवारों के सामने रात गुजारने का संकट खड़ा हो गया है।
वार्ड-1 में 5 से 7 फीट तक पानी, दो साल से अधूरी ड्रेनेज योजना की पोल खुली
वार्ड नं. 1 में हालात बाढ़ जैसे हो गए हैं। कई घरों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है। लोगों को रात में रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दो साल पहले भी तेज बारिश के चलते उनके मकान गिर गए थे और उन्हें रात के अंधेरे में घर छोड़ खेतों या अन्य स्थानों पर जाना पड़ा था।
थाने तक पहुंचा पानी, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
तेज बारिश की पोल प्रशासन की लापरवाही ने खोल दी है। तारानगर थाना परिसर तक में पानी घुस गया, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन ने जलनिकासी की कोई मुकम्मल योजना नहीं बनाई। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर हर साल यही स्थिति क्यों दोहराई जाती है, और क्यों वर्षों से बसे गरीब परिवारों की सुध नहीं ली जाती?
प्रशासन की चुप्पी पर नाराज़गी
स्थानीय लोगों का कहना है कि आज भी उनके घरों में पानी भरा हुआ है, रात गुजारने की कोई व्यवस्था नहीं है और प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची है। लोगों ने प्रशासन से अविलंब राहत पहुंचाने और स्थायी समाधान की मांग की है।