अवैध नशीली टेबलेट की तस्करी के मामले में कोर्ट ने एक आरोपी को सात साल की सजा के साथ एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि एक अन्य आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है।
जिले की रावतसर तहसील में अवैध नशीली टेबलेट की तस्करी के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश, एनडीपीएस प्रकरण, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेंद्र चौधरी ने महेन्द्र पुत्र ओमप्रकाश को 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है और जुर्माना जमा नहीं करने पर 3 महीने के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।
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मामले के एक अन्य आरोपी नंदलाल पुत्र लेखराम निवासी रावतसर को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना प्रभारी विजय सिंह ने 15 जून 2016 को रात सवा 9 बजे न्योलखी मार्ग पर शनि मंदिर के पास नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पर शक होने से उसे रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के थैले से 500 से अधिक नशीली गोलियां बरामद हुईं।
एडीजे राजेन्द्र चौधरी ने फैसले पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि वर्तमान में हनुमानगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। जिससे युवा पीढ़ी का भविष्य बर्बाद हो रही है। एडीजे ने दोषी को 7 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।