नकली दूध की फैक्ट्री पर स्वास्थ्य विभाग का छापा
जिले के तलवाड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली दूध बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। गांव भूरानपुरा स्थित एक मकान में चल रही इस फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दूध, केमिकल और दूध तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही अमानक सामग्री बरामद की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या कम होने के बावजूद बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद टीम ने भूरानपुरा गांव में दबिश दी।
छापेमारी के दौरान एक मकान के भीतर अवैध रूप से नकली दूध तैयार किया जाता मिला। जांच में सामने आया कि सॉरबिटोल, आटा और डिटर्जेंट मिलाकर दूध तैयार किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डिटर्जेंट मिलाकर बनाया गया दूध लोगों के लिए धीमे जहर की तरह है।
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कार्रवाई के दौरान टीम को मौके से मिक्सी, स्टोरेज ड्रम और अन्य उपकरण भी मिले, जिनका उपयोग नकली दूध तैयार करने और स्टोर करने में किया जा रहा था। विभाग ने संदिग्ध दूध और केमिकल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया तथा विभिन्न पदार्थों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उस डेयरी की भी जांच की, जहां यह दूध सप्लाई किया जाता था। साथ ही पशु बाड़ों में जाकर पशुओं की संख्या और दूध सप्लाई के आंकड़ों की भी जानकारी जुटाई गई।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मामले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिलेभर में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।