थिंकटैंक माने जानेवाले गोविंदाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीयत में उन्हें कोई संदेह नहीं है। करना भी नहीं चाहिए, क्योंकि अभी एक-डेढ़ साल ही हुआ है। इतनी जल्दी उनकी नियत पर निर्णय करना उचित नहीं है।
जयपुर में बृहस्पतिवार को युवा संसद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे गोविंदाचार्य युवाओं के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी पटरी से उतर चुकी है। उसे ठीक करने में समय लगेगा। इस सरकार को इन व्यवस्थाओं को समझा होगा और अब इन्हें पटरी पर लाने के लिए उपाय करने शुरू करने होंगे। इसमें भी एक-डेढ़ वर्ष लगेगा। इसके बाद नियत को लेकर स्थिति साफ होगी।
उन्होंने कहा कि सुधार की शुरुआत कदम दर कदम करें। चुनाव आयोग में ये लड़ाई जीत चुके हैं कि उम्मीदवारों के फोटो के साथ चुनाव चिह्न हो। अब लड़ाई करनी है कि केवल उम्मीदवारों का फोटो हो, चुनाव चिह्न नहीं हो। मतादाता चेहरा देखकर वोट देंगे, तो उन्हीं को वोट मिलेगा, जिसे वे पहचानते हों। मतलब, उस उम्मीदवारों ने संबंधित क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर कार्य किया हो।