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थिंकटैंक माने जाने वाले गोविंदाचार्य बोले- मोदी की नीयत पर संदेह नहीं

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थिंकटैंक माने जानेवाले गोविंदाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीयत में उन्हें कोई संदेह नहीं है। करना भी नहीं चाहिए, क्योंकि अभी एक-डेढ़ साल ही हुआ है। इतनी जल्दी उनकी नियत पर निर्णय करना उचित नहीं है।

जयपुर में बृहस्पतिवार को युवा संसद कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे गोविंदाचार्य युवाओं के सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी पटरी से उतर चुकी है। उसे ठीक करने में समय लगेगा। इस सरकार को इन व्यवस्थाओं को समझा होगा और अब इन्हें पटरी पर लाने के लिए उपाय करने शुरू करने होंगे। इसमें भी एक-डेढ़ वर्ष लगेगा। इसके बाद नियत को लेकर स्थिति साफ होगी।
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उन्होंने कहा कि सुधार की शुरुआत कदम दर कदम करें। चुनाव आयोग में ये लड़ाई जीत चुके हैं कि उम्मीदवारों के फोटो के साथ चुनाव चिह्न हो। अब लड़ाई करनी है कि केवल उम्मीदवारों का फोटो हो, चुनाव चिह्न नहीं हो। मतादाता चेहरा देखकर वोट देंगे, तो उन्हीं को वोट मिलेगा, जिसे वे पहचानते हों। मतलब, उस उम्मीदवारों ने संबंधित क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर कार्य किया हो।
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गंगा सफाई पर उठाई उंगली

उन्होंने गंगा सफाई अभियान के लिए कहा कि अर्जुन यदि एक आंख द्रोपदी पर और दूसरी मछली की आंख पर रखता, तो निशाना चूक जाता। ये सरकार एक आंख सत्ता पर और दूसरी आंख गंगा सफाई पर रखे हुए है, ऐसे में परिणाम अच्छे नहीं आ सकते। गंगा साफाई एक बड़ा काम है, ऐसे में सभी को एकजुट होना होगा, तभी परिणाम उचित आएंगे।

शिक्षा को लेकर कहा कि अंग्रेजों को मुलाजिम चाहिए थे, इस कारण उन्होंने अंग्रेजी अनिवार्य की। अब रोजगार की भाषा अंग्रेजी हो गई थी, तो सभी ने पढऩा भी शुरू किया। वही, हम अब तक करते आए हैं। अंग्रेजों ने अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए कामगारों को समाप्त किया। इससे संतुलन बिगड़ गया। समाज में एक तिहाई कामगार, एक तिहाई कृषक तथा एक तिहाई सरकारी सेवा करनेवाले होने चाहिए।
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