सीएम गहलोत को राजनीति का जादूगर यूं ही नहीं कहा जाता। अपनी पार्टी कांग्रेस में मैसेज देने के लिए गहलोत दौसा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही ईआरसीपी और 50 अन्य एनएच रोड प्रोजेक्ट का काम शुरू करवाने की मांग मोदी के समक्ष रख दी।
सार्वजनिक मंच पर मोदी के साथ गहलोत नहीं बैठे। लेकिन दूसरी ओर गहलोत प्रोटोकॉल निभाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने जयपुर एयरपोर्ट पहुंच गए और हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए प्रधानमंत्री का अभिवादन कर अपने मन की कई बातें भी कह दीं। इस दौरान पीएम मोदी ने भी गहलोत से अपने मुख्यमंत्री काल से चले आ रहे पुराने सौहार्दपूर्ण संबंध देखते हुए उनका हाथ थाम लिया, इस दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र भी मौजूद रहे , जो प्रधानमंत्री को सी ऑफ करने एयरपोर्ट आए थे।
ईआरसीपी और एनपीएस में मदद मांगी-सूत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने माला पहनाकर भावभीनी विदाई दी। गहलोत ने सूत की माला पीएम को पहनाई, जिसे सीएम गहलोत पहनना और पहनना बहुत पसंद करते हैं, मोदी भी गहलोत की तरह ही खादी को प्रमोट करते हैं। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी से सीएम गहलोत ने शिष्टाचार भेंट में प्रदेश के हालात के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही सूत्र बताते हैं, एनपीएस का राज्य का बकाया पैसा दिलवाने और ईआरसीपी प्रोजेक्ट में मदद करवाने समेत कई मांगें भी रख दीं। शिष्टाचार के नाते पीएम मोदी ने भी सीएम गहलोत से गर्मजोशी के साथ मुलाकात की और कुछ हंसी मजाक करते हुए आपस में एक दूजे के हाल-चाल पूछे।
गहलोत मोदी की मुलाकात से कई सियासी चर्चाएं और गॉसिप्स खत्म
पहले ऐसी चर्चा थी कि सीएम गहलोत पीएम मोदी से मुलाकात नहीं करेंगे। रविवार को सीएम गहलोत की पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अब वो सभी चर्चाएं खत्म हो गई हैं। सीएम गहलोत एक ओर अपनी पार्टी की रीति- नीति देखकर चल रहे हैं, दूसरी और अपने संबंधों को भी बरकरार रखे हुए हैं, जो कुशल राजनेता के गुण हैं।
मोदी और गहलोत ने यह बता दिया कि राजनीति में कई बातें परदे के पीछे चलती हैं, कई बातों का एहसास नेता जनता को अपने बयानों और मेल मुलाकात के अंदाज़ से करवा देते हैं। पिछली बार पीएम मोदी ने अपने एक उद्बोधन में सीएम गहलोत को सबसे वरिष्ठ नेताओं में बताया था और कहा था कि मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब भी गहलोत हमारे साथ के मुख्यमंत्रियों में राजनीति में वरिष्ठ थे।