घरनास्थल पर मौजूद रहे सांसाद किरोड़ीलाल मीणा।
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सवाईमाधोपुर के खवा गांव के पशुपालक बाबूलाल गुर्जर की कल टाइगर के हमले में मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीण धरने पर बैठे थे। मौके पर पहुंचकर सांसाद किरोड़ीलाल मीणा ने पीड़ित परिवार को सरकार से 15 लाख रुपए, 5 बीघा कृषि भूमि, संविदा नौकरी, पीएम आवास योजना में घर और डेयरी बूथ की मदद करवाई है। सहमति के बाद धरना समाप्त हो गया है।
सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क से सटे खवा गांव में जंगल में बकरियां चराने गये स्थानीय निवासी चरवाहे बाबूलाल गुर्जर की टाइगर के हमले में मौत के बाद ग्रामीण धरना दे रहे थे। अब सहमति के बाद प्रशासन में जाम खुलवा दिया है। सांसद किरोड़ी लाल मीणा की मौजूदगी में मुआवजे की मांगों पर सहमति बन गई है।
मौके पर पहुंचे राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने आंदोलन का नेतृत्व करते हुए पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और रणथंभौर नेशनल पार्क के उपवन संरक्षक मोहित गुप्ता से वार्ता की। जहां 5 बीघा जमीन, डेयरी बूथ, संविदा पर नौकरी, पीएम आवास योजना में आवास, 15 लाख रुपये बतौर मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर आपस में सहमति बनी। उसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटा दिया और शव को अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया गया।
ये हुआ था घटनाक्रम
सोमवार शाम को टाइगर हमला कर दिया था। टाइगर के हमले में बाबूलाल गुर्जर की मौत हो गई। घटना को लेकर ग्रामीणों में बेहद आक्रोश व्याप्त हो गया। अपने स्तर पर ही ग्रामीणों ने मृतक बाबू लाल गुर्जर का शव जंगल से ढूंढा और अपने कब्जे में लिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीण आज सुबह से ही कुंडेरा श्यामपुरा मार्ग पर सड़क पर शव रखकर धरने पर बैठ गए और मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। घटना को लेकर मौके पर बेहद तनाव व्याप्त हो गया। ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक चरवाहे के परिजनों को 50 लाख रुपये आर्थिक मुआवजे के रूप में प्रदान किए जाएं और मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए। मांग पूरी नहीं होने तक उनका धरना जारी रहेगा। घटना को लेकर राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष भवानी सिंह मीणा, आशा मीणा सहित कई भाजपा नेता भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए।
सुबह से शव को लेकर ग्रामीण खवा गांव में ही बैठे हुए थे, लेकिन तभी अचानक पिकअप में शव को रखकर ग्रामीण सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हो गए। तभी पुलिस ग्रामीणों के पीछे दौड़ी और रावल गांव के पास आकर गाड़ी को रोक लिया। वहां पर पुलिस और ग्रामीणों की जमकर तनातनी हुई। ग्रामीणों ने रावल गांव के पास ही शव को सड़क पर रख दिया। जहां सैंकड़ों की तादाद में ग्रामीण जाम लगा करके बैठ गए। जिससे सवाई माधोपुर-कुंडेरा श्यामपुरा मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया। वार्ता में सहमति के बाद जाम शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।