उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले पर कालिख फेंकने के मामले में समता आंदोलन ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया है। साथ ही यह भी कहा है कि यह घटना सरकार की ओर से प्रायोजित थी।
समता आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा का कहना है कि अखिलेश के राजस्थान में अभिनंदन कार्यक्रम से राज्य सरकार बौखला गई, जिससे मिलीभगत कर ऐसी घटना को अंजाम दिया गया। इधर, सुरक्षा में गंभीर चूक को केवल रोजनामचे में शामिल कर पल्ला झाड़ने वाली पुलिस को अब एफआईआर दर्ज करनी पड़ी है।
राजस्थान मोटर गैराज के वाहन चालक कैलाश शर्मा ने ज्योति नगर थाने में मामला दर्ज कराया है। शर्मा ने आरोप लगाया कि इस घटना में शामिल लोगों को यह मालूम था कि अखिलेश का काफिला कहां से निकलेगा, जबकि कार्यक्रम के आयोजक होने के नाते उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि अब पता चला है कि वह जला हुआ तेल नहीं था, बल्कि फुटपाथ पर पोतने के लिए लाया गया काला रंग था। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। काला रंग सड़क पर क्यों छोड़ा गया था? उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और घटना को अंजाम देने वालों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
होते-होते बची दुर्घटना
वाहन चालक कैलाश शर्मा ने रिपोर्ट में कहा है कि जब काफिला खासा कोठी होटल की ओर जा रहा था तो सड़क किनारे से कुछ युवकों ने कार पर काला पदार्थ फेंका, जिससे आगे दिखना बंद हो गया। कार असंतुलित हो गई और दुर्घटना होते-होते बची। कार में उत्तर प्रदेश को दो उच्चाधिकारी बैठे थे। हालांकि अखिलेश की कार काफिले में इस कार से आगे थी।