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बीकानेर जेल में कैदियों के बीच खूनी संघर्ष

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राजस्थान के बीकानेर केन्द्रीय कारागृह में कैदियों के बीच गैंगवार हुई। इस आपसी खूनी संघर्ष में पहले गोली चलने से एक कैदी की मौत हो गई फिर दूसरे गुट ने इसके जवाब में दो कैदियों को पीट-पीट कर मार डाला।
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घटना से जेल में अफरातफरी मच गई। आननफानन में पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पांच जनों को हिरासत में लिया है। इधर, राज्य सरकार ने जेल अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह शेखावत को निलम्बित कर दिया है।

इस जेल में चोरी-छिपे भीतर आए हथियारों को लेकर सरकार ने अन्य जेलों की तलाशी लेने के आदेश जारी कर दिए। अजमेर जेल में भी तलाशी हुई, जिसमें सिमकार्ड मिले हैं।
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निलम्बन से पहले पुलिस अधीक्षक ने तीन कैदियों के मारे जाने की पुष्टि की तथा बताया कि पांच जनों को हिरासत में लिया गया है।

पहले मारी गोली, फिर चले लात-घूंसे

जानकारी के अनुसार मरने वाले कैदी बलवीर सिंह उर्फ बानूड़ा, जयप्रकाश जाट और रामपाल हैं। जयप्रकाश ने बलवीर को गोली मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। बलवीर और उसके गुट ने जयप्रकाश व रामपाल को पीट-पीटकर मार डाला।

फायरिंग में आनंदपाल के भी जख्मी होने की सूचना है। घटना के समय जेल में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगेंद्र कुमार अग्रवाल, सीओ (एसटीएससी) पृथ्वीसिंह, समाज कल्याण विभाग की अधिकारी नारायणी देवी व एपीपी भगवान सिंह मीटिंग कर निकले थे और जेल अधीक्षक सुरेंद्रसिंह शेखावत इन्हें बाहर छोडऩे आए थे।

इतने में गोली चलने की आवाज सुनाई दी। जिला कलक्टर आरती डोगरा, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार चालके, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण राजेश यादव व अन्य थानाधिकारी भी जेल पहुंचे।

पहले कैदी कर चुके हैं जेलर की हत्या

इससे पहले जोधपुर सेन्ट्रल जेल के जेलर भारत भूषण भट्ट की सितम्बर 2010 को एक बंदी ने जेल में ही चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

गत 25 अप्रेल को जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंदियों व प्रहरी के झगड़े की घटना हुई थी। इसमें करीब पचास बंदी घायल हुए थे। झगड़ा प्रहरी द्वारा चौथ वसूली की रकम मांगने की बात पर हुआ था। चार बंदी गंभीर घायल हुए थे।

बांसवाड़ा जिला कारागृह में गत 23 फरवरी को मुलाकात के लिए गए कुछ लोगों ने सामान बंदियों को देने की जिद कर प्रहरियों से झगड़ा किया।

अलवर किशनगढ़बास उपकारागृह में छह जुलाई 2014 को सुबह खाना बनाने को लेकर कैदियों के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर खाना बनाने के बर्तनों व अन्य सामान से हमला बोल दिया। झगड़े में आठ कैदी घायल हो गए थे।

अजमेर जेल में मिला अपत्तिजनक सामान

बीकानेर सेन्ट्रल जेल में बंदियों के दो गुटों में गैंगवार के बाद जागे जिला व पुलिस प्रशासन ने अजमेर सेंट्रल जेल की तलाशी ली। पुलिस को बंदियों के बैरक से दो मोबाइल सिमकार्ड सहित कई आपत्तिजनक वस्तुएं मिली।

अजमेर सेन्ट्रल जेल में तलाशी अभियान के दौरन पुलिस को बंदियों के बैरक से दो मोबाइल सिम कार्ड, मोबाइल चार्जर, खाद्य वस्तुएं और लोहे की वस्तुएं सहित कई आपत्तिजनक सामान मिले।
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जेल में हथियार, कठघरे में इंतजाम

बीकानेर के केंद्रीय कारागार में तीन कैदियों की गैंगवार में मौत जहां व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान लगाती है, वहीं जेल प्रशासन को भी कठघरे में खड़ा करती है। यह पहला मौका नहीं है, जबकि जेल में हथियार पहुंचे हों।

इससे पहले भी सीकर और भरतपुर की जेल में हथियार मिल चुके हैं। राजस्थान की जेलों में सुरक्षा के इंतजामात का हाल यह है कि आए दिन इनमें मोबाइल, सिम और चाकू बरामद होते रहते हैं। कैदियों के भागने की घटनाएं भी हुई हैं।
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