एक दिसंबर को गैंगस्टर महेंद्र मीणा की हत्या हुई थी।
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राजस्थान के जयपुर में एक दिसंबर को हुई गैंगस्टर महेंद्र मीणा की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया। महेंद्र की हत्या लड़कियों की सप्लाई और सट्टे के करोबार में हुई रंजिश के चलते की गई थी। पुलिस ने हत्या के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने पूरी घटना का खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि विनीत मेडी और महेंद्र मीणा गैंग लंबे समय से जयपुर में लड़कियां स्पलाई और सट्टे का काम कर रही थी। करीब एक साल तक दोनों ने साथ मिलकर ऑनलाइन लड़कियां सप्लाई और सट्टे का कारोबार कर खूब पैसा कमाया। उनमें अच्छी दोस्ती भी थी, लेकिन बाद में रुपये के लेन-देन को लेकर आपस में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों अलग हो गए और एक दूसरे के दुश्मन बन गए। विनीत मेडी गैंग ने महेंद्र मीणा से बदला लेने की योजना बनाई। बदमाशों को इकट्ठा कर महेंद्र की रैकी की गई। जिसके बाद एक दिसंबर को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
पुलिस ने हत्या के आरोप में भरत लाल मीणा (25) पुत्र रामरतन मीणा, प्रियांशु मीणा (21) पुत्र भगवान सहाय मीणा, यादराम मीणा (28) पुत्र किरोडी लाल और मोनू कटकड (29) पुत्र रामचरण मीणा को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी करौली जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार भी जब्त की है।
इससे पहले पुलिस ने महेंद्र मीणा की हत्या के मामले में गैंगस्टर विनीत मेडी के चाचा विवेक मीणा और मां सुनीता मीणा को गिरफ्तार किया था। दोनों ने विनीत को फरारी काटने के लिए 50 हजार और बाइक उपलब्ध करवाई थी। हालांकि अब तक पुलिस विनीत को गिरफ्तर नहीं कर पाई है।
महेंद्र मीणा की हत्या एक दिसंबर की रात जयपुर के प्रताप नगर थाना इलाके में हुई थी। गोदावरी अपार्टमेंट में थार गाड़ी से आए विनीत मेडी गैंग के बदमाशों ने महेंद्र पर हमला कर दिया। उस दौरान वह चाय की दुकान पर बैठा हुआ था। बदमाशों ने तीन राउंड फायरिंग की थी। एक गोली महेंद्र की पीठ में लगी जिससे उसकी मौत हो गई थी। भागते समय बदमाशों की थार गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो वह एक कैब से फरार हो गए थे।