दिल्ली से मुंबई की राह आसान करने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) का निर्माण रेलवे ने तेज कर दिया है। इस सेक्शन के रेवाड़ी-किशनगढ़-बालावास खंड पर यातायात का ट्रायल शुरू हो गया है।
राजस्थान के न्यू किशनगढ़ स्टेशन से डीएफसीके महाप्रबंधक अनुराग सचान ने मालगाड़ी को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान सचान ने बताया कि दिल्ली-मुंबई के गलियारे पर मालगाड़ी 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। एक मालगाड़ी 1300 ट्रकों का लोड लेकर चलेगी।
यानी एक ट्रेन से राजमार्ग पर 1300 ट्रक कम हो जाएंगे। इससे निजी और सार्वजनिक वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी। इस गलियारे पर रोज 25 जोड़ी ट्रेन चलाने की योजना है। मार्च 2020 तक पालनपुर तक यह ट्रैक शुरू हो जाएगा। इस संपुर्ण गलियारे से देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य को पाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि 81 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2008 किलोमीटर के गलियारे का निर्माण दिसंबर 2021 में पूरा करने का लक्ष्य है। इस गलियारे पर 80 प्रतिशत मालगाड़ी दौड़ेंगी। इससे पैसेंजर ट्रेन को गति मिलेगी। दिल्ली-मुंबई ट्रेन 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी। इस लाइन पर जगह-जगह लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे।
रेवाड़ी से गुजरात के पालनपुर तक के बड़े खंड को मार्च 2020 में खोला जाएगा। इससे उत्तर भारत से गुजरात के चार बंदरगाहों कांडला, पिपावाव, मुंदड़ा और टूना की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। डीएफसी निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि डीएफसी पर डबल डेकर कंटेनर ले जाने में सहूलियत होगी।