राजस्थान के बारां जिले की अंता नगरपालिका में सफाईकर्मी को जयपुर के की एक बैंक से 7 लाख रुपये का लोन दिलाने के बहाने 4 लाख की ठगी करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों झालावाड़ और कोटा में कई लोगों के साथ ठगी की वारदात कर चुके हैं।
एसपी राजकुमार चौधरी ने बताया कि आरोपी शुभम सेन उर्फ शिवम (24) और सौरव उर्फ चिंटू सेन मूलतः मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के रहने वाले हैं। फिलहाल वह कोटा के थाना रामगंज मंडी में किराए से रह रहे थे। आरोपी यश शर्मा (22) रामगंज मंडी थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
5 फरवरी को अन्ता नगरपालिका में सफाई कर्मी पीड़ित कालू लाल ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपनी रिपोर्ट में उसने बताया कि उसे बच्चे की शादी और मकान की छत डलवाने के लिए उसे लोन की आवश्यकता थी। दिसंबर 2022 में मनीष, शुभम और यश शर्मा लोन दिलाने का भरोसा दिलाकर 2-3 बार उसे जयपुर में रामनगर के एसबीआई बैंक ले गए। इस दौरान लोन दिलाने के लिए उससे कई कागजों पर हस्ताक्षर करवाए थे। बाद में चार-पांच दिन में लोन स्वीकृत होने की बात कहकर आरोपियों ने उससे मोबाइल और सिम ले लिया।
फोन करने पर आरोपी जल्द लोन दिलाने का झांसा देकर उसे टालते रहे। इसके कुछ दिन बाद उनका नंबर बंद हो गया। इसके बाद उसने अपने अकाउंट का स्टेटमेंट निकाला तो पता चला कि 8 दिसंबर को ही उसका 693800 का लोन स्वीकृत हो चुका था। आरोपियों ने उससे मोबाइल और सिम लेकर खाते में आई रकम में से चार लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। जिसके बाद पीड़ित को धोखाधड़ी का पता चला और उसने आरोपियों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया।
साइबर थाना थाना अधिकारी नेत्रपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच कर टीम ने आरोपी शुभम सेन उर्फ शिवम, सौरभ उर्फ चिंटू और यश शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से धोखाधड़ी कर हड़पी गई रकम की बरामदगी और इससे पहले की गई वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है। आरोपियों ने कोटा और झालावाड़ में कई लोगों को इस तरह ठगी का शिकार बनाया है।