भरतपुर जिले के रूपबास थाना इलाके में 17 फरवरी को बजरी माफियाओं ने थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। बजरी माफियाओं द्वारा किए गए हमले में थाना प्रभारी भोजाराम सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना में शामिल धौलपुर जिले के बजरी माफिया की तलाश करते हुए एसपी भरतपुर ने उन पर दो-दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात को कार्रवाई करते हुए चार इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर थाना प्रभारी अनिल जसोरिया ने बताया कि बजरी के खिलाफ पुलिस का अभियान चलाया जा रहा है। जिस अभियान के अभियान के तहत मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि भरतपुर में हुई घटना में शामिल चार फरार बदमाशों के मोरोली गांव के पास आने की सूचना मिली थी। जिस सूचना पर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर चार इनामी बदमाश सोनू पुत्र रामस्वरूप, राम हरि पुत्र बैजनाथ, विश्वभर पुत्र गंगाराम और दशरथ पुत्र बैजनाथ को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि चारों बदमाश 17 फरवरी को भरतपुर पुलिस के साथ हुई घटना में शामिल थे। जिन पर एसपी भरतपुर द्वारा दो-दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। देर रात को गिरफ्तार किया गया चारों बदमाशों को भरतपुर जिले की रूपबास थाना पुलिस के सुपुर्द किया गया है। जहां बदमाशों से घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है।
बजरी परिवहन पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही पुलिस
संगठित अपराध अर्थात बजरी परिवहन धौलपुर एवं भरतपुर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल नदी से ही बजरी का परिवहन किया जाता है। बजरी माफिया बेखौफ धौलपुर जिले से गुजर रही चंबल नदी के विभिन्न क्षेत्रों से बजरी परिवहन करते हैं। बजरी माफियाओं द्वारा सांठगांठ कर उत्तर प्रदेश के आगरा एवं राजस्थान के भरतपुर में बजरी की सप्लाई की जाती है। धौलपुर जिले के विभिन्न इलाकों से हाईवे समेत लिंक सड़क मार्गों से बजरी माफिया बेखौफ होकर बजरी का गोरख धंधा कर रहे हैं। बजरी परिवहन पर अंकुश लगाना धौलपुर और भरतपुर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।