भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी
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अशोक परनामी ने गहलोत सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि साढ़े 4 वर्षों से कांग्रेस सरकार में कानून नाम की चीज नहीं है। यहां आए दिन महिलाएं और बालिकाओं के साथ अत्याचार सहित रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। डकैती हो रही है, आए दिन गोलियां चल रही हैं। गहलोत सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री अशोक गहलोत हैं, लेकिन फिर भी यहां अपराधों का आंकड़ा बढ़ा है।
गहलोत सरकार के ये सारे वादे खोखले निकले
परनामी ने कहा - चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में उनके द्वारा प्रदेश के सभी किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की बात कही गई थी। बेरोजगार युवाओं को रोजगार और बेरोजगारी भत्ता बढ़ाने के वादे किए गए थे। लेकिन गहलोत सरकार के यह सारे वादे खोखले निकले। उन्होंने महंगाई राहत शिविर को लेकर कहा कि यह सरकार राजस्थान की जनता को पागल बनाने का काम कर रही है। लेकिन यहां की जनता अब समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में कांग्रेस की करारी हार कर जवाब दिया जाएगा। सरकार के लास्ट बजट 2023-24 में घोषणा की गई थी कि राजस्थान में घरेलू 100 यूनिट और किसानों को दो हजार यूनिस बिजली फ्री दी जाएगी। लेकिन राहत कैंप लगाकर यहां की लोगों को गर्मी में परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब यह बजट घोषणा की थी, तो इसमें रजिस्ट्रेशन करवाने का कोई औचित्य नहीं है। केवल यहां के लोगों को यह सरकार गुमराह करने की कोशिश कर रही है।
दूसरे राज्यों की तुलना में 8 से 10 रुपए राजस्थान में ज्यादा महंगा पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल और डीजल की महंगाई पर परनामी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जब पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की गई थी, तो गहलोत सरकार ने VAT कम क्यों नहीं किया। सभी प्रदेशों में राजस्थान की तुलना में पेट्रोल और डीजल पर कम वैट लगाया गया है। इसलिए वहां पर राजस्थान की तुलना में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 8 से 10 रुपए लीटर का फर्क है। पिछली बार वसुंधरा सरकार में किसानों को 8 घंटे बिजली दी जाती थी। जो अब गहलोत सरकार किसानों को 2 से 3 घंटे बिजली दे रही है। साथ ही उस समय 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली थी, जो अब 5 रुपए 55 पैसे प्रति यूनिट कर दी गई है। सरकार की ओर से महंगाई राहत कैंप लगाकर केवल राजनीतिकरण किया जा रहा है, ना कि यहां की जनता का कोई भला किया जा रहा है।