लोकसभा के पूर्व सांसद और मेवाड़ के राजशाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले महाराणा महेंद्र सिंह ने खुलासा किया है कि किसी ने उन्हें और उनके बेटे को काफी अच्छी खासी रकम का ऑफर दिया था ताकि वह बॉलीवुड की विवादित फिल्म पद्मावत को रिलीज करने के लिए अपनी हामी भर दें। यह फिल्म साल की शुरुआत में रिलीज हुई थी। इसकी रिलीज से पहले काफी विवाद हुआ था।
पद्मावत रानी पद्मावती की जिंदगी पर आधारित फिल्म थी। जो 13वीं शताब्दी के राजपूत राजा रावल रतन सिंह की दूसरी पत्नी थीं। विभिन्न राज्यों के कई समुदायों ने फिल्म की रिलीज का विरोध किया था। जहां फिल्म में कुछ बदलाव करके इसे रिलीज किया गया वहीं निर्देशक संजय लीला भंसाली ने कहा था कि यह फिल्म फिक्शन का कार्य है। पद्मावत राजस्थान में प्रतिबंधित रही। 77 साल के सिंह रावल रतन सिंह के वरिष्ठतम जीवित वंशज हैं।
मेवाड़ राजशाही परिवार के अलावा राजपूत समुदाय के सदस्यों ने भी फिल्म का विरोध किया था। सिंह ने कहा, 'उस दृश्य को मैं कभी नहीं भूल सकता जब कोई मेरे पास एक ऑफर लेकर आया कि यदि मैं फिल्म का विरोध करना बंद कर दूं तो वह मुझे बहुत सारा पैसा देंगे। मेरा मन किया कि उस शख्स को थप्पड़ मारूं और उसे बाहर निकाल दूं लेकिन मैं एक हिंसक शख्स नहीं हूं।' हालांकि चित्तौड़गढ़ से पूर्व सांसद ने उस शख्स की पहचान उजागर नहीं की जिसने उन्हें पैसों का ऑफर दिया था। उन्होंने कहा कि फिल्म के निर्माता और सेंसर बोर्ड ने फिल्म को मंजूरी देने के लिए उनसे संपर्क किया था।
पूर्व सांसद ने कहा, 'फिल्म निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज से पहले खुद मुझसे संपर्क किया था। सेंसर बोर्ड के लोग मेरे पास आए। मैंने कहा बहुत देर हो चुकी है। मैंने फाइनली उनसे कहा कि यदि हम कोई सुझाव देते हैं तो उसे कितना स्वीकार किया जाएगा?' उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर केवल राजपूतों ने नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने फिल्म नहीं देखी है और मैं इसे देखने वाला भी नहीं हूं। रिपोर्ट्स के जरिए मुझे पता चला है कि अभी भी फिल्म में कुछ आपत्तिजनक सीन हैं।'