दौसा से पूर्व विधायक शंकर शर्मा ने कहा कि सचिन पायलट खेमे के मतदाता कांग्रेस को वोट नहीं देंगे, तो भाजपा को उसका फायदा मिलेगा और बीजेपी का परचम वापस राजस्थान में लहराएगा। कांग्रेस भाजपा को सत्ता देने के लिए उतावली हो रही है। सचिन पायलट वापस भाजपा को राज दिलवाएंगे। शंकर शर्मा 2013 में दौसा से विधायक चुने गए थे, जिस समय उन्होंने चुनाव लड़ा था, उस समय गुर्जर मतदाता कांग्रेस से नाराज थे, जिसका फायदा सीधे तौर पर बीजेपी को मिला और दौसा से शंकर शर्मा विधायक चुने गए।
2013 में विधायक थे शंकर शर्मा
दौसा विधानसभा सीट सामान्य सीट है, जिसके चलते यहां पर 2013 में वर्तमान विधायक मंत्री मुरारी लाल मीणा ने बसपा और शंकर शर्मा ने भाजपा चुनाव लड़ा था। दौसा से शंकर शर्मा को जीत मिली। हालांकि उसके बाद 2018 में भी शंकर शर्मा ने फिर से भाजपा के टिकट पर कांग्रेस प्रत्याशी मुरारी लाल मीणा के सामने चुनाव लड़ा और अबकी बार शंकर शर्मा की हार हुई और मुरारी लाल मीणा की जीत।
पूर्व में कांग्रेस रह चुके शंकर शर्मा
साल 2013 में जब शंकर शर्मा दौसा से भाजपा का टिकट लेकर विधायक बने। उससे पहले शंकर शर्मा ने बस्सी विधानसभा में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, तो हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दौसा सीट सामान्य हुई, तो उन्हें हवाई कैंडिडेट के रूप में भाजपा ने टिकट देकर दौसा से चुनाव लड़वाया और उनकी विजय भी हुई। 2018 के चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री फेस के लिए सचिन पायलट का माहौल दौसा समेत पूर्वी राजस्थान में बनने लगा था। यह भी एक बड़ा कारण था कि उस समय राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में आई और सरकार बनी, लेकिन उस समय सचिन पायलट को उपमुख्यमंत्री के पद से ही सब्र करना पड़ा। वह भी कलह और बगावत के कारण छीन लिया गया।
भाजपा की सरकार बनवाएंगे सचिन पायलट - शंकर शर्मा
परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में दौसा पहुंचे पूर्व विधायक शंकर शर्मा ने कहा 2013 में जब वह चुनाव जीते थे, उस समय सचिन पायलट की मेहरबानी थी। उसी मेहरबानी के चलते भाजपा की सरकार बनी और दौसा से शंकर शर्मा विधायक बने। शर्मा का इशारा सीधे-सीधे गुर्जर मतदाताओं की तरफ है, जो वोट शंकर शर्मा को 2013 में मिले थे। जिसके चलते वह विधायक बने। अबकी बार कांग्रेस में एक बार वापस वही स्थिति पैदा हो चुकी है। जिसके चलते सचिन पायलट भाजपा की सरकार बनवाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं उसका फायदा भाजपा को मिलेगा और राजस्थान में भाजपा की सरकार बनेगी।
सचिन पायलट खेमे के विधायक से मंत्री मुरारी लाल मीणा
इधर भाजपा नेता और पूर्व दौसा विधायक शंकर शर्मा का मानना है कि कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह और गुटबाजी का फायदा सीधे तौर पर भाजपा को मिलना तय है । क्योंकि सचिन पायलट की गुर्जर समाज में अच्छी पकड़ होने के चलते राजस्थान के बड़े गुर्जर नेताओं के पहले पायदान पर गिनती आती है। लेकिन दौसा विधायक मुरारी लाल मीणा खुद पायलट गुट के विधायक हैं। ऐसे में शंकर शर्मा की हुंकार कितनी सार्थक होगी, यह तो चुनाव के दौरान ही तय होगा।
सचिन पायलट को नहीं मनाया, तो कांग्रेस को होगा नुकसान
राजस्थान में कांग्रेस की गुटबाजी खुलकर सामने आने के बाद कांग्रेस दो खेमों में बंटी हुई नजर आ रही है, जो जगजाहिर है। यदि समय रहते कांग्रेस ने सचिन पायलट को नहीं मनाया, तो निश्चित रूप से सचिन पायलट की नाराजगी कांग्रेस के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकती है। जिसका खामियाजा भी कांग्रेस को राजस्थान से आने वाले विधानसभा चुनाव में चुकाना पड़ सकता है। शायद यही वो कारण है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार बनने के प्रति आश्वस्त है।