गोशाला की दीवार तोड़कर गोवंश को कर दिया गया आजाद।
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राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में मंदिरों पर बुलडोजर चलाने का विवाद अभी थाम नहीं है। इससे पहले कठुमर में गोशाला पर बुलडोजर चलाने का मामला सामने आया है। वन विभाग ने यहां दो दिन पहले गोशाला को अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया। इससे यहां रहने वाली 400 से ज्यादा गांव बेघर हो गईं। उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया है। अब इस पर भी विवाद गहराता जा रहा है।
जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को कठूमर उपखंड की एक मात्र गोशाला को वन विभाग ने अतिक्रमण मानते हुए तोड़ दिया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठन कार्रवाई के विरोध में उतर आए हैं। वन विभाग ने रूंध मैथना गांव में स्थित हनुमान गोशाला को ध्वस्त करते 40 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई है। हालांकि, गोशाला तोड़े जाने से 400 से ज्यादा गोवंश लावारिस हो गए हैं।
लक्ष्मणगढ़ रेंजर जितेंद्र सैन ने बताया कि मैथना रूधं में वन विभाग की करीब 14 सौ बीघा जमीन है। जिसमें से करीब 40 बीघा जमीन पर पिछले एक दशक से गोशाला चल रही थी। इसमें 400 छोटे बड़े गोवंशों का पालन पोषण किया जा रहा था।
सहायक वन संरक्षक कोर्ट राजगढ़ के 2020 के आदेश का पालन करते हुए गोशाला संचालक को दिसंबर 2021 में जगह खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद ही उन्होंने ना तो जगह खाली की और ना ही गोवंश को स्थानांतरित किया। इसके बाद गुरुवार 21 अप्रैल को वन विभाग ने कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराया है।