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Rajasthan Election: राजस्थान में लगातार तीसरी बार 200 नहीं, 199 सीटों पर हुआ मतदान, जानें इसकी वजह

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 25 Nov 2023 07:11 PM IST

सार

Rajasthan Election 2023: 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा की 199 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान हुआ जबकि करणपुर विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया। इससे पहले 2018 और 2013 में भी एक सीट पर चुनाव नहीं कराए गए थे।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव। - फोटो : Amar Ujala Digital

राजस्थान में 200 सीटों वाली विधानसभा की 199 सीटों पर शनिवार (25 नवंबर) को वोट डाले गए। श्रीगंगानगर जिले की करणपुर विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, राजस्थान में पिछले तीन विधानसभा चुनाव 199 सीटों पर ही हुए हैं और एक सीट पर चुनाव बाद के लिए टाला गया है। तो आइये जानते हैं कि ये तीन घटनाएं क्या थीं?
 

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राजस्थान विधानसभा चुनाव। - फोटो : Amar Ujala Digital
राजस्थान में 200 सीटों वाली विधानसभा की 199 सीटों पर शनिवार (25 नवंबर) को वोट डाले गए। श्रीगंगानगर जिले की करणपुर विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, राजस्थान में पिछले तीन विधानसभा चुनाव 199 सीटों पर ही हुए हैं और एक सीट पर चुनाव बाद के लिए टाला गया है। तो आइये जानते हैं कि ये तीन घटनाएं क्या थीं?
 

अबकी बार क्यों और किस सीट पर टला चुनाव?
दरअसल, 14 नवंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस के उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया। दिल्ली के एम्स अस्पताल में गुरमीत का निधन हुआ। 75 साल के गुरमीत सिंह कुन्नर को दिल्ली एम्स में 12 नवंबर को भर्ती कराया गया था। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता काफी समय से बीमार चल रहे थे।

बता दें कि गुरमीत श्रीकरणपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के मौजूदा विधायक और प्रत्याशी थे। वहीं चुनाव से पहले प्रत्याशी के निधन के कारण इस सीट का चुनाव स्थगित हो गया। अब चुनाव आयोग इस सीट पर उप-चुनाव कराएगा, जिसके लिए अभी आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। 

2018 में किस सीट पर नहीं हो सका था चुनाव और क्यों?
राजस्थान में पिछला विधानसभा चुनाव 7 दिसंबर 2018 को कराया गया था। यह चुनाव भी 200 की बजाय 199 सीटों पर संपन्न हो सका था। दरअसल, चुनाव से पहले 29 नवंबर को अलवर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। 

इस वजह से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 52 की उप-धारा (1) (सी) के प्रावधानों के तहत रामगढ़ सीट के रिटर्निंग अधिकारी ने मतदान को बाद में अधिसूचित होने वाली तारीख तक स्थगित कर दिया। वहीं, धारा 52 की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने 28 जनवरी 2019 को यहां उप-चुनाव कराया था। 

उप-चुनाव में क्या हुआ था?
उप-चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 100 सीटों के साथ पर्याप्त बहुमत हो गई थी।

रामगढ़ सीट के लिए उप-चुनाव 28 जनवरी 2019 को हुआ। 31 जनवरी 2019 को हुई वोटों की गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी शफिया जुबैर को कुल 83,311 मत मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुखवंत सिंह को 12,228 मतों से पराजित किया। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सुखवंत सिंह को 71,083 मत मिले। वहीं बसपा उम्मीदवार और पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र जगत सिंह 24,856 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

2013 में कहां नहीं कराया गया था चुनाव और क्या थी वजह?
13 दिसंबर 2013 को राजस्थान में विधानसभा चुनाव कराया गया था। हालांकि, चूरू विधानसभा क्षेत्र में बसपा उम्मीदवार जगदीश मेघवाल की हार्ट अटैक से मृत्यु के बाद स्थगित कर दिया गया था। 

उप-चुनाव में क्या हुआ था?
2013 विधानसभा चुनाव में बम्पर सीटों के साथ सत्ता में लौटी भाजपा चुरू सीट पर जीत दर्ज की थी। इससे राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से पार्टी की सीटें 163 हो गई थीं।

भाजपा की ओर से उतरे उम्मीदवार आरएस राठौड़ ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के मौजूदा विधायक हाजी मकबूल मंडेलिया को 24,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। वहीं सात अन्य उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

राठौड़ को 84,100 वोट मिले थे, जबकि मकबूल को 60,098 वोट मिले थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी राठौड़ तारानगर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक थे, लेकिन उन्होंने अपनी सीट बदल ली और पार्टी ने उन्हें मंडेलिया के खिलाफ मैदान में उतारा था।
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