राजस्थान के श्रीगंगानगर में भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी और उनके समर्थकों के खिलाफ गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। आरोप है कि विधायक सेवा केंद्र में एक दलित सरकारी अधिकारी और एलएंडटी कंपनी के कर्मचारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। मामले में राजकार्य में बाधा, मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी और एससी/एसटी एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जवाहर नगर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई आरयूआईडीपी के एईएन जगनलाल बैरवा की शिकायत पर की है। एफआईआर में विधायक जयदीप बिहाणी, एईएन (पीएचडी) कृष्ण धारीवाल, विधायक के निजी सहायक मनीष गर्ग, पार्षद बंटी वाल्मीकि समेत करीब 30 लोगों को नामजद किया गया है। मामले की जांच एससी/एसटी प्रकरण अनुसंधान सैल के आरपीएस विष्णु खत्री को सौंपी गई है।
दिशा समिति की बैठक में दी थी धमकी
शिकायतकर्ता जगनलाल बैरवा ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले आयोजित दिशा समिति की बैठक के दौरान विधायक जयदीप बिहाणी ने उन्हें कथित तौर पर धमकाया था। बैरवा का आरोप है कि विधायक ने कहा था कि उन्हें अपने कार्यालय बुलाकर ऐसा सबक सिखाया जाएगा जिसे वे जिंदगीभर नहीं भूलेंगे। पीड़ित अधिकारी के मुताबिक 30 अप्रैल की सुबह से ही एईएन कृष्ण धारीवाल लगातार फोन कर रहे थे और उन्हें बाहर नहीं जाने की सलाह दे रहे थे। बाद में बताया गया कि विधायक ने मीटिंग के लिए विधायक सेवा केंद्र बुलाया है।
विधायक सेवा केंद्र पहुंचते ही शुरू हुई पिटाई
रिपोर्ट के अनुसार, जगनलाल बैरवा शहर में चल रहे प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें लेकर एलएंडटी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज हुसैन और इंजीनियर सोहम परमार के साथ विधायक सेवा केंद्र पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचते ही विधायक जयदीप बिहाणी ने उनके साथ थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। एफआईआर में कहा गया है कि विधायक ने हाथ में पहने भारी कड़े से उनकी आंख पर हमला किया, जिससे आंख में गंभीर चोट आई और एक आंख से दिखाई देना लगभग बंद हो गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद एईएन कृष्ण धारीवाल ने जातिसूचक गालियां दीं।
बंधक बनाकर डंडों और पाइपों से पीटने का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि विधायक समर्थकों ने अधिकारी और उनके साथ मौजूद कर्मचारियों को अंदर खींच लिया और बंधक बनाकर लात-घूंसों, डंडों और पाइपों से जमकर मारपीट की। एफआईआर में मनीष गर्ग, कृष्ण गोपाल, बंटी वाल्मीकि, जगदीश घोडेला, धर्मेंद्र सिहाग, सुनील नायक और संदीप शैरेवाला सहित कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने सरकारी दस्तावेज भी छीन लिए और उन्हें नष्ट कर दिया। साथ ही 555 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी नहीं देने को लेकर नाराजगी जताई गई।
खून से लथपथ शर्ट बदलवाने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार मारपीट के दौरान उनकी सफेद शर्ट खून से पूरी तरह भीग गई थी। आरोप है कि विधायक के निर्देश पर दूसरी शर्ट मंगवाई गई और खून लगी शर्ट हटाकर फेंक दी गई। पूरी घटना विधायक सेवा केंद्र के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने का दावा भी किया गया है।
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पुलिस जांच में जुटी
एसपी हरीशंकर के निर्देश पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता जगनलाल बैरवा ने कहा कि वह पिछले 36 वर्षों से सरकारी सेवा में हैं और उनके खिलाफ कभी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।