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Rajasthan: अजमेर शरीफ में विवादित नारे-झगड़े के मामले में एफआईआर, अंजुमन सचिव ने बरेलवियों की निंदा की

Mon, 30 Jan 2023 07:57 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान

सार

अजमेर के एडिशनल एसपी ने बताया कि छटी के दिन बरेलवी जायरीनों ने दरगाह की शाहजहानी मस्जिद में विवादित नारे लगाए थे। उसके बाद दरगाह के खादिमों और जायरीनों के बीच हुए झगड़े-मारपीट के मामले में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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अजमेर के एडिशनल एसपी विकास सांगवान और अंजुमन के सचिव सैयद सरवर चिश्ती - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अजमेर की सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में हुई विवादित नारेबीजी और झगड़े के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, दरगाह में छटी के दिन विवादित नारेबाजी करने के बाद दरगाह खादिमों और बरेवली जायरीनों के बीच झगड़े और मारपीट की घटना घटी थी। 

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दरगाह में विवादित नारेबाजी के बाद घटी थी मारपीट की घटना
अजमेर के एडिशनल एसपी विकास सांगवान ने बताया कि छटी के दिन रात्रि में गुस्ल की रस्म के बाद करीब दो ढाई बजे बरेलवी जायरीनों ने दरगाह की शाहजहानी मस्जिद में विवादित नारे लगाए थे। उसके बाद वहां मौजूद दरगाह के खादिमों ने उन्हें रोका। इसी बात को लेकर दोनों के बीच में झगड़ा हो गया और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मामले में दरगाह कमेटी की ओर से दी गई शिकायत पर धारा 153 A, 295, 323, 143 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 

सांगवान ने बताया कि किस तरह के नारे लगे यह उनकी जानकारी में नहीं है। कुछ वीडियो आए हैं, उनकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बरेलवी नारे थे, देवबंदी नारे थे या कोई और नारे थे। इनकी जांच की जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि इस घटना में जो घायल हुए हैं उसकी भी जांच की जाएगी।
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'दरगाह में इस तरह के नारे लगाए जाना कतई उचित नहीं था'
अंजुमन के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने दरगाह में बरेलवियों की ओर से लगाए गए नारों की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के नारे दरगाह में लगाए जाना कतई उचित नहीं था। इसके लिए अंजुमन के पदाधिकारियों ने उर्स से पहले ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर सूचित किया था। उन्होंने कहा कि दरगाह में इस तरह के नारे कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

यह है पूरा मामला
ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 811वें उर्स के मौके पर शनिवार की रात दरगाह की शाहजहानी मस्जिद में खादिम और बरेलवी विचाराधारा के लोगों के बीच विवाद हो गया। इस वजह से वहां अचानक मारपीट और धक्का-मुक्की शुरू हो गई थी। इससे उन अकीदतमंद की इबादत में खलल पड़ा जो ख्वाजा साहब का गुंबद देखकर अपने और अपनों के लिए दुआ मांग रहे थे। 

मस्जिद के चारों ओर सुरक्षा के मद्देनजर तैनात पुलिस कर्मी और अधिकारी कुछ देर बाद हरकत में आए, तब जाकर माहौल पर काबू पाया गया था। शनिवार रात करीब एक बजे ख्वाजा साहब की मजार को अंतिम गुस्ल देने की तैयारी थी। महफिल खाना में उसी की अंतिम शाही महफिल हो रही थी। शाहजहानी मस्जिद परिसर जायरीन से भरा था। अधिकांश लोग इस दौरान आस्ताना के गुंबद की ओर देखकर इबादत करने में व्यस्त थे। 

इसी दौरान कुछ लोगों ने नारे लगाना और कुछ ने कलमा पढ़ना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुन कर दरगाह के खादिमों का गुट वहां पहुंचा और उनसे धक्का-मुक्की कर उन्हें खामोश करने का प्रयास किया। लेकिन बरेलवी जायरीनों और खादिमों के बीच लड़ाई-झगड़ा हो गया। इसके बाद देखते ही देखते दरगाह की शाहजहानी मस्जिद में भगदड़ मची गई थी।

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