फिल्मी सितारों, निर्माताओं, निर्देशकों के अपनी फिल्मों की सफलता की मन्नत मांगने के लिए ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दरगाह प्रमुख जैनुल आबेदीन दीवान द्वारा व्यवसायिक उद्देश्यों को लेकर अजमेर आने वाले फिल्मी सितारों पर निशाना साधने के बाद दरगाह के केयरटेकर दीवान के विरोध में खड़े हो गए हैं।
दरगाह में जियारत करने वाली खादिमों की प्रतिनिधि संस्था अंजुमन कमेटी ने 23 जुलाई (सोमवार) को दीवान के बयान की निंदा की। समिति के सचिव वाहिद हुसैन चिश्ती ने कहा कि इस मामले में दीवान की आपत्ति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्मी सितारे अपनी फिल्मों की सफलता के लिए दुआ मांगने आते हैं। यह मामला ख्वाजा और उनके श्रद्धालुओं के बीच का है, दीवान को इस मसले में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है। वह केवल पब्लिसिटी के लिए ऐसा कर रहे हैं।
वहीं नियमित रूप से यहां आने वाले अभिनेता रजा मुराद ने दीवान की आपत्ति को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ख्वाजा की दरगाह किसी की निजी संपत्ति नहीं है। रमजान के पवित्र महीने में इस तरह के बयान अस्वीकार्य हैं। रजा के अनुसार यदि वह इस्लामी कानूनों की बात करते हैं तो फिर पाबंदी होने के बावजूद महिला श्रद्धालुओं को दरगाह में प्रवेश की इजाजत क्यों दी जाती है। हालांकि अन्य दरगाह प्रमुखों ने दीवान का समर्थन किया है।