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गहलोत और सचिन पायलट पर FIR दर्ज

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राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद अब 108 एम्बुलेंस घोटाला मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व चिकित्सा मंत्री ए.ए. खान फंसते नजर आ रहे हैं।
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तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट सहित अन्य बड़े नेताओं  के नाम होने के कारण पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी।

सीबी-सीआईडी के हवाले मामला

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सरकार बनते ही इस मामले में गत जनवरी में मामला दर्ज हुआ और पुलिस ने जांच में आरोपों को सही पाया। पुलिस ने मंगलवार को मामला सीआईडी सीबी को सौंप दिया। इस घटना से राजस्थान की राजनीति फिर गरमा गई।
    
जानकारी के अनुसार एनआरएचएम के अंतर्गत शुरू की गई 108 एम्बुलेंस सेवा में फर्जीवाड़ा और जाली बिलों के आधार पर 10 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप लगाते हुए बीजेपी नेता और जयपुर के पूर्व महापौर पंकज जोशी पिछले वर्ष अगस्त में मामला दर्ज कराने अशोक नगर थाने पहुंचे थे।

च‌िदंबरम के बेटे को म‌िला था ठेका

कांग्रेस सरकार के दबाव के चलते पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया, लेकिन दबाव आने पर शिकायत को परिवाद के रूप स्वीकार कर जांच करने को कहा। मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री सहित बड़े नाम होने के कारण इस मामले की जांच भी आगे नहीं बढ़ी।
    
पिछली सरकार ने 108 सेवा को संचालित करने का ठेका पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की कंपनी जिगित्सा हेल्थ केयर को दिया हुआ था। कीर्ति चिदंबरम की कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए गहलोत, पायलट व खान पर पद के दुरुपयोग करने के आरोप हैं।
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फर्जी बिल सहित ऑडिट में गंभीर अनियमितताएं

इनके साथ एफआईआर में एनआरएचएम निदेशक, रवि कृष्ण और श्वेता मंगल के नाम भी हैं। सरकार बदलने के बाद जनवरी में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।

जिसके बाद तहकीकात में पुलिस ने फर्जी बिल सहित ऑडिट में गंभीर अनियमितताएं भी पाईं। प्रक्रिया के तहत मामले में विधायक का नाम आने पर जांच सीआईडी-सीबी को सौंप दी जाती है।
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