मोबाइल रिचार्जिंग के लिए डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के बहाने एक व्यवसायी से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी पिता—पुत्र को चौमूं थाना पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ चौमूं थाने में करीब 19 लाख 75 हजार रुपए और मुरलीपुरा थाने में करीब 13 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। पिछले करीब डेढ़ माह से पुलिस को दोनों आरोपी पिता—पुत्र की तलाश थी। जिन्हें पुलिस ने कोटा से पकड़ा।
डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी वन वे सर्विसेस मार्केटिंग कंपनी के मालिक विनय त्यागी और उनका अक्षय त्यागी है। उनके खिलाफ चौमूं निवासी गोपाल डंगायच ने 21 जनवरी को चौमूं थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था, जिसमें बताया कि उनकी मोरीजा रोड पर डंगायच टेलीकॉम के नाम से दुकान है। दोनों आरोपी पिता—पुत्र दिसंबर माह में डंगायच की दुकान पर पहुंचे। उसे उनकी कंपनी के बारे में बताते हुए उनकी कंपनी से मोबाइल रिचार्जिंग करने के बारे में बताया।
इसके बाद आरोपियों ने 30 दिसंबर को गोपाल डंगायच के मोबाइल पर व्हाट्स अप पर कंपनी की ओर से एक आॅफर मैसेज भेजा। जिसमें उनकी कंपनी में रिचार्जिंग के लिए एकमुश्त 13 लाख 78 हजार रुपए जमा करवाने पर 10 प्रतिशत लाभ मिलने की बात कही। आरोपियों की बातों में आकर गोपाल ने उनके खाते में उक्त जमा करवा दी।
पीड़ित गोपाल ने बताया कि 7 जनवरी को उन्होंने एक ग्राहक का मोबाइल वन वे सर्विसेज मार्केटिंग कंपनी के जरिए करवाना चाहा तो वह रिचार्ज नहीं हुआ। तब गोपाल ने आरोपियों से उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो वह बंद मिला। उनके आॅफिस पर भी ताला लगा था।
तब उनके फरार होने का पता चला तो शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद थानाप्रभारी चौमूं जितेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपियों को कोटा से पकड़ा। जानकारी में सामने आया कि आरोपी विनय और अक्षय नाम व पते बदलकर फर्जी आईडी से वारदातें करते है।