राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि डॉ. पनगड़िया का निधन चिकित्सा जगत और प्रदेश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि मेरे उनसे पारिवारिक रिश्ते रहे हैं, उनका निधन से मुझे और मेरे परिवार को व्यक्तिगत क्षति हुई है।
जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अशोक पनगड़िया का शुक्रवार को निधन हो गया। वह कोरोना वायरस संक्रमण और संक्रमण के बाद की जटिलताओं से पीड़ित थे। 71 वर्षीय डॉ. पनगड़िया एक निजी अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थे। पिछले दो दिनों से उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था। उनके परिजन उन्हें शुक्रवार को घर ले गए थे जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉ. पनगड़िया के निधन पर संवेदना व्यक्त की है। गहलोत ने ट्वीट किया, 'राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात, जाने-माने न्यूरोलॉजिस्ट, पद्मश्री से सम्मानित डॉ. अशोक पनगड़िया के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं।' उन्होंने कहा, डॉ. पनगड़िया ने महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएं दीं व कोरोना के समय में भी चिकित्सा विशेषज्ञ के रूप में प्रदेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।'
डॉ. पनगड़िया का काम पीढ़ियों तक मदद करेगा: मोदी
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉ. पनगड़िया ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने एक शानदार न्यूरोलॉजिस्ट के तौर पर अपनी अलग पहचान बनाई। पीएम मोदी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में किया गया उनका उल्लेखवनीय काम डॉक्टरों और शोधार्थियों की कई पीढ़ियों को मदद पहुंचाएगा। उनके निधन से दुखी हूं और उनके परिजनों व मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।