दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत के बाद उनके परिजन और ग्रामीणों ने उन्हें शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। रतन लाल राजस्थान के सीकर जिले के सदीनसर गांव के रहने वाले थे। बुधवार को सदीनसर में उनके परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शहीद हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की पत्नी को पत्र लिखकर संवेदना जताई है। शाह ने लिखा पूरे देश दुख की इस घड़ी में बहादुर पुलिसकर्मी के परिवार के साथ खड़ा है।
इससे पहले जांबाज हेड कांस्टेबल रतन लाल की अंतिम यात्रा मंगलवार को उनके बुराड़ी स्थित घर से निकली। सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी तादाद में लोग पहुंचे। इस दौरान हर किसी की आंख नम दिखी। यात्रा में सड़क के दोनों ओर मौजूद भीड़ ने ‘दिल्ली जिंदाबाद’ के नारे लगाए। गृह राज्यमंत्री ने भी घर पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन किए। सहकर्मी को विदा देने के लिए दिल्ली पुलिस के बड़े अधिकारी भी पहुंचे।
इंडिया गेट पर मंगलवार रात 100 से ज्यादा लोगों ने मोमबत्ती जलाकर दिल्ली हिंसा में शहीद हुए हवलदार रतनलाल को श्रद्धांजलि दी। मंगलवार रात करीब आठ बजे लोग इंडिया गेट पहुंचे। ये लोग मोमबत्ती जलाकर इंडिया गेट लॉन में बैठ गए।
मंगलवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पुलिस आयुक्त व अन्य अधिकारियों ने रतन लाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। रतनलाल को न्यू पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कहा कि रतनलाल का असमय जाना दिल्ली पुलिस व देश के लिए अपूर्णनीय क्षति है। संकट की इस घड़ी में उसके परिजनों के साथ हम सब खड़े हैं।