तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात कांस्टेबल सुनील बिश्नोई ने मंगलवार रात अंतिम सांस ली। वह अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान डंपर से कुचले जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना तीन दिन पहले जोधपुर शहर के समीप गुड़ा बिश्नोइयां गांव की सीमा में हुई थी। पुलिस की टीम ने जब अवैध बजरी से भरे एक डंपर को रोकने का प्रयास किया, तो चालक ने भागने की कोशिश में डंपर की लिफ्ट उठाकर बजरी गिरानी शुरू कर दी और कच्चे रास्ते की ओर बढ़ गया।
इसी दौरान कांस्टेबल सुनील बिश्नोई ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन डंपर चालक ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल बिश्नोई को जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां तीन दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
बुधवार को जोधपुर पुलिस लाइन में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर जोधपुर रेंज के आईजी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इसके पश्चात उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लोहावट स्थित जंभेश्वर नगर ले जाया गया।
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गांव में विधायक पब्बाराम बिश्नोई, पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई, पूर्व प्रधान भागीरथ बेनीवाल सहित हजारों ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पुलिस टुकड़ी ने मातमी धुन बजाते हुए हवाई फायर कर उन्हें अंतिम सलामी दी, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया।