जयपुर में सरकारी दफ्तरों के लिए अब अलग-अलग जमीन के टुकड़े आवंटित करने की व्यवस्था बदलने जा रही है। नई व्यवस्था में सरकारी विभागों को कार्यालय बनाने के लिए अलग प्लॉट देने के बजाय बहुमंजिला सरकारी ऑफिस कॉम्प्लेक्स में जरूरत के मुताबिक तैयार ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा। इससे एक ही जमीन पर कई विभागों के दफ्तर संचालित किए जा सकेंगे।
मेंटेनेंस का खर्च भी साझा होगा
ऑफिस कॉम्प्लेक्स के रखरखाव की जिम्मेदारी वित्त विभाग की ओर से नामित विभाग या एजेंसी को दी जाएगी। जिस विभाग के पास कॉम्प्लेक्स में सबसे ज्यादा जगह होगी, उसे प्राथमिकता के आधार पर रखरखाव की जिम्मेदारी दी जा सकती है। कॉम्प्लेक्स के रखरखाव पर होने वाला खर्च वहां जगह लेने वाले सभी विभागों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रफल के अनुपात में वहन करना होगा।
पहले से दी गई जमीन भी वापस ले सकेगा जेडीए
नई नीति का असर केवल भविष्य में होने वाले जमीन आवंटन पर ही नहीं होगा। पहले से सरकारी विभागों या संस्थाओं को दी गई जमीन की भी समीक्षा की जा सकेगी।
यदि किसी जमीन का उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ है, जिसके लिए उसे आवंटित किया गया था और वह जमीन ऑफिस कॉम्प्लेक्स विकसित करने के लिए उपयुक्त है, तो जेडीए उसे वापस ले सकेगा। इसके बदले संबंधित विभाग या संस्था की ओर से जमा कराई गई राशि वापस करने का प्रावधान है।
खाली और जर्जर सरकारी परिसंपत्तियों का भी होगा इस्तेमाल
सरकार की नजर ऐसी जमीनों और सरकारी परिसंपत्तियों पर भी है, जो या तो खाली पड़ी हैं, आंशिक रूप से इस्तेमाल हो रही हैं या जिन पर पुराने और जर्जर सरकारी भवन मौजूद हैं।