प्रधानाचार्य डीपीसी को लेकर संघर्ष
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पिछले 10 महीने से लंबित प्रधानाचार्य डीपीसी को लेकर 30 दिनों से शिक्षा निदेशालय के आगे शांतिपूर्ण धरना दे रहे शिक्षा अधिकारियों ने राजस्थान विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण गोदारा ने बताया कि प्रधानाचार्य डीपीसी पिछले दस महीने से लंबित हैं। इसके लिए परिषद की ओर से 12 जनवरी 2023 से निदेशालय के आगे शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा हैं, जिसे आज 30 दिन हो गए हैं। उप प्रधानाचार्य का पद नवसृजित होने से अनुभव छूट के लिए फाइल निदेशालय द्वारा शासन को 20 जनवरी 2023 को ही भिजवाई जा चुकी है। लेकिन सरकार ने उप-प्रधानाचार्य पद की अधिसूचना में ही शिथिलन का प्रावधान किया हुआ है, फिर भी पत्रावली का इतने समय तक शासन स्तर पर लंबित होना खेदजनक है, जबकि मुख्यमंत्री ने 2022-23 के बजट में एक वर्ष के अनुभव शिथिलन की घोषणा की हुई है।
अप्रिय परिस्थितियां पैदा हुईं, तो सारी जिम्मेदारियां सरकार की होंगी
गोदारा ने बताया कि इस अनुभव छूट पत्रावली को तत्काल अनुमति देकर 2022-23 की प्रधानाचार्या डीपीसी जल्द नहीं की गई, तो परिषद गांधीवादी तरीके से आंदोलन को तेज करते हुए शिक्षा निदेशालय बीकानेर से विधानसभा जयपुर तक प्रधानाचार्य पदोन्नति पदयात्रा 14 फरवरी से शुरू करेगी और 21 फरवरी 2023 को राजस्थान के समस्त शिक्षाधिकारी विधानसभा का घेराव करेंगे। इस दौरान अगर कोई अप्रिय परिस्थितियां पैदा हुईं, तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की रहेगी।