राजस्थान के टोंक जिले में ट्रैक्टर चालक की मौत पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने वाले दो प्रतिद्वंद्वी विधायकों ने मंगलवार को अपना विरोध प्रदर्शन दोबारा शुरू कर दिया। टोंक के नगर किले में धरना देते हुए, कांग्रेस के हर्ष मीणा और भाजपा के गोपीचंद मीणा ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और पुलिस के दबाव में बोर्ड के सदस्यों को बदल दिया गया।
गोपीचंद मीणा ने कहा, "हमें कल बताया गया था कि एक मेडिकल बोर्ड मंगलवार को पोस्टमार्टम करेगा। बोर्ड के सदस्यों को पुलिस के दबाव में बदल दिया गया। इसलिए, हमने मांग की कि बोर्ड के सदस्य वही रहें। बता दें कि विधायकों ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा के आश्वासन के बाद, सोमवार रात को अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल बंद कर दी थी।
ट्रैक्टर चालक भजनलाल (30) 28 मई को गनेती गांव जा रहा था, जब उसे पुलिस ने लक्ष्मीपुरा में रोक लिया, कथित तौर पर उसके साथ मारपीट हुई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस पर विधायकों ने पिछले बुधवार को धरना शुरू किया था, जिसे शनिवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल दिया गया।
विधायकों ने ड्राइवर के परिजनों के लिए सरकारी नौकरी, 25 लाख रुपये मुआवजे, पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, उनके निलंबन और मामले की सीआईडी जांच की मांग की थी। डिप्टी सीएम सचिन पायलट मंगलवार को टोंक में ड्राइवर और विधायकों के परिवार से मुलाकात करने वाले हैं।