राजस्थान के दौसा में डॉक्टर अर्चना शर्मा की सुसाइड का मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। इसे लेकर डॉक्टर एसोसिएशन में ही दो फाड़ हो गए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने केस में आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कहकर शनिवार को होने वाला आंदोलन समाप्त कर दिया है। वहीं जयपुर मेडिकल एसोसिएशन (जेएमए) और प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने ऐसा करने से इंकार कर दिया है। दोनों ही एसोसिएशन ने ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने का एलान कर दिया है।
दरअसल, शुक्रवार देर रात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच आंदोलन को लेकर बैठक हुई। बैठक में चिकित्सा सेवा एवं चिकित्सा सेवा संस्थान हिंसा निवारण अधिनियम 2008 का राज्य में अनिवार्य रूप से पालना कराने, लालसोट प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कमिश्नर की अध्यक्षता में करने और राज्य में आए दिन डॉक्टरों के प्रति होने वाली हिंसा और शिकायतों को रोकने के लिए एसओपी बनाने के लिए विभागीय समिति का गठन करने पर सहमति बनी हैं।
इसी के साथ डॉक्टर सुसाइड केस के आरोपियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने आंदोलन खत्म करने का एलान किया। इस बैठक में आईएमए के प्रतिनिधियों के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अभय कुमार, प्रमुख सचिव सीएम कुलदीप रांका, डीजीपी एमएल लाठर, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया, शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आशुतोष पेंडणेकर मौजूद रहे।
इधर, आंदोलन खत्म करने की बात को जयपुर मेडिकल एसोसिएशन, प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने नकार दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग धाकड़ ने आंदोलन को जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि हमसे किसी की कोई बात नहीं हुई है और हमें इस बारे में कोई जानकारी भी नहीं हैं। हमने कभी भी आंदोलन खत्म करने की बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि वो कौन है जो हमारे बिहाफ पर बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक कर दोनों एसोसिएशन ने ओपीडी, आईपीडी और इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि हमनें पूरे देश की एसोसिएशन से आंदोलन से जुड़ने का अनुरोध किया है।
डॉ एसोसिएशन की मांग है कि आरोपियों को धारा 306 के तहत बुक किया जाए। लापरवाही पुलिसकर्मियों की भी गिरफ्तारी की जाए। मांग पूरी नहीं होने तक एसोसिएशन का आंदोलन जारी रहेगा। अनुराग ने बाताया कि शाम करीब 6:30 बजे सभी डॉक्टर एसएमएस के गेट पर एकत्रित होकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।