राइट टू हेल्थ बिल का विरोध के बीच चिकित्सकों ने सोमवार को मरीजों को देखना तो शुरू कर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और आरजीएचएस जैसी सरकारी योजना का लाभ मरीजों को नहीं दिया गया।
राइट टू हेल्थ बिल का विरोध के चलते हड़ताल पर रहे डॉक्टरों ने रविवार सुबह मरीजों का इलाज शुरू कर दिया। इससे पहले इसमें मरीजों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और आरजीएचएस जैसी सरकारी योजना का लाभ न देने की जानकारी दी गई। इन दोनों योजनाओं में मरीजों को नहीं देखा गया। सभी निजी चिकित्सालयों ने शपथ पत्र देकर राइट टू हेल्थ बिल का हवाला देते खेद जताया है।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. कैलाश चन्द्र काबरा व सचिव डॉ. हरीश मारू ने बताया कि एक दिन की हड़ताल के बाद सभी डॉक्टर काम पर लौट आए हैं। रविवार सुबह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और आरजीएचएस जैसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि सभी निजी चिकित्सालयों ने शपथ पत्र दिया है। इसमें राइट टू हेल्थ बिल का हवाला देते खेद जताया है। शपथ पत्र सोमवार को जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। रविवार को सभी अस्पतालों में वायरल रोगियों की भरमार रही। एमजीएच में रविवार को ओपीडी में 1343 मरीज पहुंचे। हर घर में सर्दी-खांसी, बुखार के रोगी हैं।