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अब नहीं बजेगा शादियों में बैंड बाजा-डीजे!

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बिना बैंड बाजा व डीजे के शादी-ब्याह की कल्पना भी नहीं की जा सकती, लेकिन अब राजस्थान के नागौर जिले में ऐसा ही होगा। पशु-पक्षियों की सुरक्षा व संरक्षण के तहत नागौर जिला प्रशासन ने नई पहल करते हुए शादी-ब्याह या अन्य किसी भी तरह के समारोहों में कानफोडू संगीत पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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यहां तक कि अब गाड़ियों में भी तेज आवाज में संगीत सुनने पर प्रतिबंध रहेगा। नागौर में हुए सर्वे में जाहिर हुआ है कि तेज आवाज में बजने वाले संगीत के कारण मवेशियों विशेषकर गायों और भैंसों में गर्भपात की घटनाएं बढ़ी हैं।

तेज संगीत से मवेशियों के न सिर्फ डरने, बल्कि उनकी प्रजनन क्षमता के भी बुरी तरह प्रभावित होने की बात एक सर्वे में सामने आने के बाद राजस्थान के नागौर जिला प्रशासन ने  ये कड़ा कदम उठाया है।
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डीजे पर रोक का फरमान

तेज आवाजों के कारण कई मवेशियों के गर्भपात की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। नागौर जिला नागौरी सांड और रामदेव पशुमेला के लिए बहुत विख्यात है। नागौर जिला पशु अस्पताल ने हाल ही में एक सर्वे किया जिसमें यह बात सामने आई कि मवेशियों विशेषकर गायों और भैंसों में गर्भपात की घटनाएं बढ़ी हैं।

सर्वे के मुताबिक अकेले पंछवा गांव में ही 15 अप्रैल से 15 मई के बीच 126 गर्भपात की घटनाएं सामने आई। गौगोर, जिलिया और मकराना गांवों में भी ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। नागौर कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने दो दिन पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की एक बुलाई, जिसमें शादियों के समय में मवेशियों के गर्भपात की बढ़ती घटनाओं पर चर्चा की।

नागौर जिले के जनसंपर्क अधिकारी विजय खंडेलवाल के अनुसार इस बैठक में डीजे और तेज आवाज वाले साधनों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया गया। निर्णय के तहत शादी-ब्याह या अन्य समारोह में तेज आवाज वाले बाजे या डीजे सिस्टम बजाने की इजाजत नहीं होगी। गाड़ियों में भी तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध रहेगा।
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