अब मौसम खराब होने पर दिल्ली जानेवाले यात्रियों को डाइवर्ट होकर अहमदाबाद तक का सफर नहीं करना पड़ेगा। मजबूरी का यह सफर जल्द ही जयपुर तक सीमित हो जाएगा।
जयपुर हवाई अड्डे पर कैट टू लाइट लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही बड़े हवाई जहाजों को जयपुर में उतरने की सुविधा के लिए रनवे नौ हजार फीट से बढ़ाकर 11,500 फीट किया जाएगा।
हवाई अड्डा प्राधिकरण के अध्यक्ष वीपी अग्रवाल ने जयपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों को बताया कि दिल्ली में कोहरे व बरसात के मौसम का कुछ असर जयपुर पर भी पड़ता है। इस कारण फ्लाइटों को अहमदाबाद डाइवर्ट करना पड़ता है।
जयपुर का रनवे भी बड़े विमानों को उतारने के लिए मुफीद नहीं है। अब यहां रनवे विस्तार के साथ कैट टू लाइट भी स्थापित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जयपुर में एक और नया टर्मिनल बनाया जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि जुलाई में अजमेर-किशनगढ़ हवाई अड्डे का काम भी शुरू हो जाएगा। यहां अच्छे ट्रैफिक के मिलने की उम्मीद है।
जैसलमेर हवाई अड्डे का काम अगस्त तक समाप्त हो जाएगा और अक्टूबर से फ्लाइटों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।