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Dholpur News: धौलपुर में मानसून की झमाझम बारिश से लबालब हुए बांध, रामसागर बांध अपनी क्षमता से नौ इंच ऊपर

Mon, 07 Jul 2025 08:32 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

Dholpur News: सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने बताया कि धौलपुर जिले में औसतन 650 मिमी मानसूनी वर्षा होती है। इस वर्ष मात्र 15 दिनों में ही 48 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 33 प्रतिशत बारिश ही रिकॉर्ड की गई थी।
 
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रामसागर बांध अपनी क्षमता से नौ इंच ऊपर तक भरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड क्षेत्र में प्री-मानसून और शुरुआती मानसूनी बारिश ने जल संसाधनों को नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया है। जिले का सबसे बड़ा रामसागर बांध अपनी अधिकतम क्षमता से नौ इंच ऊपर भर चुका है और अब इस पर चादर बह रही है, जो मानसून के जोरदार आगमन की प्रतीक है। महज 20 दिनों में जिले में 314 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो अब तक की सामान्य मानसून वर्षा का लगभग 48 प्रतिशत है।

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जलाशयों में उम्मीद से ज्यादा भराव
रामसागर बांध की बात करें तो इसमें इस समय 25.10 फीट पानी है, जबकि इसकी क्षमता 25.1 फीट है। इसी तरह तालाबशाही बांध में 10.20 फीट पानी भरा हुआ है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 11 फीट है।
आरटी बांध की जलधारण क्षमता 6.5 फीट है, जिसमें इस समय छह फीट पानी आ चुका है। उर्मिला सागर बांध 28 फीट क्षमता वाला है, जिसमें 24.80 फीट पानी रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, जिले का दूसरा बड़ा बांध आंगई बांध भी अब 221 मीटर तक भर चुका है, जबकि इसकी पूरी क्षमता 223.41 मीटर है।
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पिछले साल से बेहतर बारिश
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विवेक अग्रवाल के अनुसार, धौलपुर जिले में औसतन 650 मिमी मानसूनी वर्षा होती है। इस वर्ष मात्र 15 दिनों में ही 48 प्रतिशत बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 33 प्रतिशत बारिश ही रिकॉर्ड की गई थी।


 
पानी-पानी हुए खेत
धौलपुर जिले के किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हो रही है। जहां एक ओर जलाशय भरने से आगामी समय के लिए जलसंकट की आशंका कम हो गई है, वहीं दूसरी ओर खेतों में पानी की भरपूर उपलब्धता से खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं।
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जल्द खुले सकते हैं बांधों के गेट
अगर इसी तरह बारिश जारी रही तो आने वाले कुछ ही दिनों में सभी बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर जाएंगे। रामसागर और आंगई जैसे बड़े बांधों पर चादर बहने लगी है और यदि बारिश की रफ्तार यही रही तो आंगई बांध के गेट खोलने की नौबत आ सकती है, जिससे क्षेत्र में जलप्रवाह को नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी।

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प्रशासन की सतर्क निगरानी
जल स्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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