महानिदेशक पुलिस उमेश मिश्रा ने पदभार संभालने के एक महीने के भीतर ही पुलिस विभाग में नवाचार करते हुए पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को पेपरलेस करने की शुरुआत कर दी है। पेपरलेस होने के चलते पारदर्शिता और हर काम की गति को भी मॉनिटर किया जा सकेगा।
मिश्रा के अनुसार पुलिस मुख्यालय की शाखाओं तथा उनके अधीनस्थ कार्यालयों, समस्त पुलिस रेंज एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालयों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से ई-फाइल मॉड्यूल लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी 2023 से फाइल संधारण का काम राजकाज एप्लीकेशन के ई-फाइल मॉड्यूल से कार्य योजना अनुसार किया जाएगा।
एससीआरबी स्टेट नोडल एजेंसी नियुक्त
एससीआरबी को राजकाज क्रियान्वयन के लिए स्टेट नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। पुलिस के सभी कार्यालयों में ई-फाइल के लिए आरपीएस स्तर के नोडल अधिकारी और उनके अधीन सहायक नोडल अधिकारी होंगे। एससीआरबी द्वारा संबंधित शाखा कार्यालयों को ई-फाइल का विस्तृत प्रस्तुतीकरण और प्रशिक्षण देकर इसे लागू करने की कार्य योजना बनाई जा रही है। अब नई फाइल ई-फाइल मॉड्यूल द्वारा ही खोली जाएगी तथा पुरानी फाइलों को पूर्ण स्कैन कर प्राथमिकता से ई-फाइल मॉड्यूल पर लाया जाएगा।
कार्य में आएगी पारदर्शिता
डीजीपी मिश्रा ने बताया कि ई-फाइल मॉड्यूल के उपयोग से न केवल पत्रावलियों की रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी। साथ ही किसी अधिकारी और कार्मिक के राजकीय यात्रा पर होने पर भी राज कार्य का समयबद्ध संपादन सुनिश्चित किया जा सकेगा। डाक का संधारण और अवकाश संबंधित कार्य भी अनिवार्य रूप से राजकाज से ही किया जाएगा।
पासपोर्ट, प्रतियोगिता परीक्षा आदि में भी होगी आसानी
पुलिस महानिदेशक मिश्रा के अनुसार पुलिस के पेपर लेस होने से आमजन को भी बड़ी राहत मिलेगी। इसके चलते
प्रतियोगी परीक्षा, पासपोर्ट, विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा, कार्यमुक्ति से संबंधित अनापत्ति प्रमाण पत्र इत्यादि भी राजकाज से ही संचालित होगा।