फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: फोन टैपिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई कल, याचिका में केस ट्रांसफर करने की लगाई गुहार

Tue, 08 Aug 2023 09:21 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान फोन टैपिंग मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में 9 अगस्त को  सुनवाई होगी। सीएम अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी (OSD) लोकेश शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लोकेश शर्मा और गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान के बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विशेष अधिकारी लोकेश शर्मा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 9 अगस्त को सुनवाई करेगा। जस्टिस विकास महाजन की बेंच में दोपहर 3 बजे सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक को बरकरार रखा था। दिल्ली पुलिस ने फिर मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की थी, दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा था-'राज्य सरकार की सरकारी मशीनरी जांच में सहयोग नहीं कर रही है। जबकि लोकेश शर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लुथरा ने कहा था, इस मामले को राजस्थान ट्रांसफर किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


क्या है पूरा मामला ?
फोन टैपिंग प्रकरण पर दिल्ली में मार्च 2021 में केंद्रीय जल्शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने इससे पहले 14 जुलाई 2023 को सुनवाई की थी। कथित फोन टेपिंग से जुड़ा यह मामला उस वक्त का है, जब राजस्थान कांग्रेस में जुलाई-अगस्त 2020 के दौरान सीएम अशोक गहलोत और तत्कालीन डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट ग्रुप के बीच कलह बढ़ने से सियासी अस्थिरता बन गई थी और गहलोत सरकार संकट में आ गई थी। क्योंकि सचिन पायलट अपने खेमे के 19 विधायकों के साथ मानेसर में कैम्प कर रहे थे। इस दौरान कुछ ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जो मीडिया तक भी पहुंच गए। इस बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को आरोपी बनाते हुए दिल्ली की कोर्ट में केस दर्ज करवाया था। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है।

राज्य सरकार को अस्थिर करने की बातें आई थी सामने
राजस्थान की चुनी हुई कांग्रेस सरकार पर आए सियासी संकट के दौरान मंत्री-विधायकों को बाड़ेबंदी में जाना पड़ा था। उसी दौरान कुछ लोगों की फोन टैपिंग हुई थी और ऑडियो से आवाज का खुलासा होने के बाद मंत्री महेश जोशी की ओर से एसीबी-एसओजी में मामला भी दर्ज हुआ था। 
विज्ञापन


फोन टैपिंग के बाद कांग्रेस में गहलोत ग्रुप ने दावा किया था कि पायलट खेमे के कांग्रेसी नेता तत्कालीन विधायक (स्वर्गीय हो चुके) भंवर लाल शर्मा और गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच कथित रूप से सरकार को अस्थिर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा था। 

इसके बाद राजस्थान की सियायत में भूचाल आया गया था। सचिन पायलट समेत उनके समर्थक मंत्रियों की कुर्सी भी उस वक्त चली गई थी। हालांकि सीएम गहलोत ने सूझबूझ से कांग्रेस की सरकार को आंतरिक और बाहरी संकट से उबारकर बचा लिया, लेकिन फोन टैपिंग का मामला कानूनी पचड़े में फंस गया।

फोन टैपिंग केस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कई बार बुलाया और उनसे पूछताछ भी की गई।  दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें पूछताछ में सहयोग करने की हिदायत देते हुए गिरफ्तारी पर लगी रोक को बरकरार रखा हुआ है। अब 9 अगस्त को इस मामले में होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें फिर से आ टिकी हैं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें