राजस्थान में स्वाइन फ्लू का मुद्दे से सरकार पीछा नहीं छुड़ा पा रही है। राजस्थान विधानसभा में सोमवार को सरकार को अपनी ही पार्टी के विधायकों ने घेरा। इधर, राजस्थान में स्वाइन फ्लू से मरनेवालों की संख्या जनवरी से अब तक 267 तक पहुंच गई है।
भाजपा विधायकों ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को जमकर खरी-खोटी सुनवाई। सदन में बीजेपी विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में खाटू श्याम जी मेले जैसे कई कार्यक्रम चल रहे हैं और उनमें इस बीमारी को लेकर बचाव के कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे।
चिकित्साधिकारी इस बीमारी को अब तक भी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। फ्लू से बचने के लिए जिन मास्क का उपयोग किया जा रहा है, वह बेहद ही हल्की क्वालिटी के हैं। उन्होंने अब तक विधायकों को स्वाइन फ्लू के टीके नहीं लगने का मामला भी उठाया।
विपक्ष ने निजी चिकित्सालयों में भी नि:शुल्क जांच की व्यवस्था करने की मांग की। राठौड़ ने जवाब में कहा कि इस बीमारी से मरनेवालों की संख्या 267 हो चुकी है और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरस में भी परिवर्तन आ रहा है।
प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में करीब 3500 लोग भर्ती है। सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। जवाब से असंतुष्ट विधायकों ने जमकर हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने विपक्षी विधायकों से कहा कि इस मुद्दे पर बहस हो चुकी है, बार-बार सवाल उठाना उचित नहीं है तथा विरोध भी सरासर गलत है।